न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

इंटरलिंक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड करेगी आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू इट फूड पैकेट देने का काम

2,192
  • 410 करोड़ रुपये खर्च होंगे नौ महीने में
  • दिसंबर माह से 18 लाख फूड पैकेट्स का वितरण कर रही है कंपनी

DEEPAK

RANCHI: नयी दिल्ली की इंटरलिंक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड राज्य के 38935 आंगनबाड़ी केंद्रों पर रेडी टू इट पोषाहार फूड पैकेट्स के वितरण का काम कर रही है. महिला और बाल विकास विभाग की तरफ से नौ महीने के लिए इंटरलिंक कंपनी को 414 करोड़ का ठेका दिया गया है. यह कंपनी छह माह से तीन वर्ष तक के 11 लाख बच्चे, सात लाख गर्भवती और धातृ महिलाओं के लिए पोषाहार का पैकेट वितरित कर रही है. पूर्व में तीन कंपनियों के द्वारा यह काम किया जा रहा था. इस बार सरकार की तरफ से एक ही कंपनी को फूड पैकेट वितरण का जिम्मा सौंपा गया है. इंटरलिंक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड अगस्त 2019 तक आंगनबाड़ी केंद्रों तक उपमा और पांजिरी और अन्य न्यूट्रियेंट्स युक्त पोषाहार पैकेट उपलब्ध करायेगी. सरकार की तरफ से सभी जिलों में अवस्थित आंगनबाड़ी केंद्रों तक पैकेट्स पहुंचाने का आदेश दिया गया है.

पूर्व की व्यवस्था समाप्त

पहले राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों में सहिया, सेविका और सहायिका की तरफ से पोषाहार के लिए खिचड़ी, दलिया, अंडा देने का काम किया जाता था. पिछले तीन वर्षों से केंद्रों में खिचड़ी और दलिया देने की व्यवस्था समाप्त कर रेडी-टू इट फूड पैकेट दिया जाने लगा है. खाने के पैकेट की गुणवत्ता बरकरार रखने के लिए भी आवश्यक अहर्ताएं पूरा करने को कहा गया है.

पतरातू औद्योगिक क्षेत्र में कंपनी ने लगाया है प्लांट

इंटरलिंक फूड्स प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से राज्य के पतरातू औद्योगिक क्षेत्र में अपना प्लांट स्थापित किया गया है. यहीं से सभी प्रमंडलों मे फूड पैकेट्स की आपूर्ति की जा रही है. इसमें केंद्र सरकार के तय मानकों का अनुपालन करना जरूरी किया गया है. उपमा मिक्स में बाजरा, कार्न, गेंहू, सोयाबीन और ग्रेन्स का मिक्सचर उपलब्ध कराना है. प्रत्येक धातृ और गर्भवती महिलाओं के लिए महीने में 24 पैकेट उपलब्ध कराने हैं. यह 700 ग्राम से नौ सौ ग्राम का पैकेट होगा.

इसे भी पढ़ेंः रामविलास पासवान की बेटी सीता पासवान ने उन्हीं के खिलाफ दिया धरना, कहां- मांगी मांगें पिता

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: