Lead NewsWorld

पुतिन के परमाणु बमों को ‘कुचल’ कर रख देंगे, रूस के न्यूक्लियर अटैक की धमकी पर ब्रिटेन का करारा जवाब

New Delhi : रूस भले ही यूक्रेन के साथ युद्ध में हो लेकिन लगातार वह पश्चिमी देशों को धमकी दे रहा है. हाल ही में रूस ने धमकी दी थी कि वह 10 सेकंड में अपनी हाइपरसोनिक मिसाइल के जरिए फिनलैंड को खत्म कर सकता है. इसके साथ उसने कहा था कि बाल्टिक देशों को वह मूंगफली की तरह तोड़ सकता है. इन बयानों के बाद रूसी मीडिया पर लगातार बताया जा रहा है कि कैसा उनका मिसाइल ब्रिटेन को समुद्र के अंदर डुबो देगा.

रूस की परमाणु चेतावनी को देखते हुए अब ब्रिटेन ने भी जवाब देना शुरू कर दिया है. ब्रिटेन के परमाणु रक्षा प्रमुख ने कहा है कि परमाणु हथियार प्रतिष्ठान (AWE) हर तरह के खतरे को रोकने के लिए तैयार है.

ब्रिटिश रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि एटॉमिक वेपन इस्टैब्लिशमेंट यूके के परमाणु बमों को बनाता है, उन्हें सुरक्षित रखता है और जरूरत पड़ने पर उन्हें नष्ट करता है. ये हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे चरम खतरा जो परमाणु बम है उसे भी खत्म करने में सक्षम है. ये जवाब भी दे सकता है. एक नए परमाणु हथियार को डिजाइन करने की क्षमता को बनाए रखना इसकी आवश्यक्ता होनी चाहिए.

Chanakya IAS
SIP abacus
Catalyst IAS

इसे भी पढ़ें:IAS पूजा सिंघल, पति और सीए की बढ़ेगी मुश्किलें ! CFSL ने मोबाइल और लैपटॉप की जांच कर ईडी को सौंपी

The Royal’s
Sanjeevani
Pushpanjali

रूस ने दी थी न्यूक्लियर अटैक की चेतावनी

रूस की रक्षा समिति के उपाध्यक्ष अलेक्सी जुरावलेव ने दावा किया कि 10 सेकंड के अंदर फिनलैंड पर सेटन-2 मिसाइल के जरिए आक्रमण किया जा सकता है. माना जा रहा है कि रूस को युद्ध में कामयाबी न मिलने से सेना में हताशा छाई हुई है. वहीं, पश्चिमी देश एकमत हैं, जिस वजह से रूस लगातार उन्हें डराने के लिए परमाणु बमों की धमकी दे रहा है. फिनलैंड को यह धमकी ऐसे समय में दी गई है, जब उसने कहा कि वह नाटो का सदस्य बनेगा.

इसे भी पढ़ें :घाटी छोड़ें वर्ना, मरने को रहो तैयार..’, आतंकियों की धमकी के बाद कश्मीरी पंडित कर्मियों को सुरक्षित जिलों में किया जाएगा ट्रांसफर!

व्लादिमीर पुतिन को पता है वह हार रहे हैं

रूस के पूर्व प्रधानमंत्री मिखाइल कास्यानोव ने कहा है कि व्लादिमीर पुतिन को यह अहसास है कि वह इस युद्ध को हार रहे हैं. उन्होंने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि विक्ट्री डे की स्पीच के दौरान भी पुतिन का आत्मविश्वास कम देखने को मिला. उनका भाषण बेहद कमजोर था. मिखाइल 2000-2004 तक रूस के प्रधानमंत्री थी. उस दौरान पहली बार पुतिन सत्ता में आए थे.

इसे भी पढ़ें:सोरेन परिवार ने झारखंड को किया कलंकित और शर्मसार, बदली कार्यपालिका की परिभाषाः बाबूलाल मरांडी

Related Articles

Back to top button