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जिन सरना स्थलों से मिट्टी उठायी गयी है, वहां शुद्धीकरण अभियान चलाया जायेगा : आदिवासी संगठन

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  • सरना स्थल से मिट्टी उठाने के विरोध में बिरसा चौक पर दिया गया धरना

Ranchi : मिट्टी उठाने के नाम पर सरकार राजनीति कर रही है. यह आदिवासियों की परंपरा और भावनाओं से खिलवाड़ है. सरना धार्मिक स्थलों में बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित होता है, ऐसे में कैसे सरकारी तंत्र के तहत सरना स्थलों से मिट्टी ली जा रही है. उक्त बातें केंद्रीय सरना समिति के केंद्रीय अध्यक्ष अजय तिर्की ने कहीं. वह विभिन्न आदिवासी संगठनों की ओर से बुधवार को बिरसा चौक पर आयोजित संयुक्त धरना-प्रदर्शन को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि सरकार हर कदम पर आदिवासियों को आहत करने में लगी हुई है. आदिवासी परंपरा से देखा जाये, तो सरना स्थल में बाहरी लोगों का प्रवेश वर्जित होता है. ऐसा करने से धार्मिक स्थल अपवित्र हो जाता है.

संस्कृति बचाये, विकास का कार्य करे सरकार

केंद्रीय सरना धर्म समाज के संयोजक लक्ष्मी नारायण मुंडा ने कहा कि अगर सरकार प्रकृति पूजकों का सम्मान करती है, उनका भला चाहती है, तो वीर शहीदों की परंपराओं और विरासतों को संजोने का कार्य करे, आदिवासियों के सर्वांगीण विकास का कार्य करे. सरना स्थलों की मिट्टी से संग्रह के नाम पर आदिवासी समाज को सरकार आक्रोशित कर रही है.

इस तरह के कार्य से आदिवासियों को ठगने का काम कर रही सरकार

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आदिवासी सेना के अध्यक्ष शिवा कच्छप ने कहा कि जिन सरना स्थलों से मिट्टी उठायी गयी है, वहां शुद्धीकरण अभियान चलाया जायेगा. उन्होंने कहा कि सरकार सोचती है कि आदिवासी समाज को बहलाया-फुसलाया जा सकता है. लेकिन, अगर सरकार इनकी परंपराओं से खिलवाड़ करेगी, तो इसी समाज के लोग इस सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंकेंगे. इस तरह के कार्य कर सरकार आदिवासियों को ठगने का काम कर रही है. जबकि, आदिवासियों के विकास में सरकार को ध्यान देना चाहिए.

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