ChaibasaCrime NewsJharkhandLead News

मासूम को मिली 1 रुपया चुराने की सजा, पिता ने खौलते पानी में डुबो दिये हाथ

अपाहिज हुआ मासूम, डॉक्टरों ने कहा- काटने पड़ सकते हैं हाथ

Ranchi: पश्चिम सिंहभूम जिले के झिंकपानी से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आयी है. एक क्रूर पिता ने अपने 12 साल के बेटे के दोनों हाथों को खौलते पानी में डाल दिया. बच्चे का अपराध सिर्फ इतना था कि उसने घर से एक रुपया चुरा लिया था. बच्चे को चाईबासा सदर अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया है.

घटना बीते 15 मई की है. बताया जाता है की झिंकपानी के लुगुनसाई निवासी चिंता बोइपाई के 12 साल के बेटे बुधराम बोइपाई ने अपनी भूख मिटाने के लिए घर से एक रुपया चुराया था. इस एक रुपये से उसने दुकान जाकर पावरोटी ख़रीदी और अपनी भूख मिटा ली.

इसे भी पढ़ें – छत पर काम कर रही महिला की गिरने से हुई मौत, परिजनों ने ठेकेदार पर लगाया दुष्कर्म का आरोप

advt

घर पर जब पिता चिंता बोइपाई को पता चला कि उसके बेटे ने एक रुपया चुराया है तो उसने बुधराम की जमकर पिटाई की. पिटाई से उसका का मन नहीं भरा तो उसने मासूम बच्चे के दोनों हाथ को घर में खौलते पानी में डुबो दिये. बच्चा चीखता-चिल्लाता रहा लेकिन बेदर्द क्रूर पिता को जरा भी दया नहीं आयी. बच्चे की आवाज़ सुन मां सोम्बरी बोइपाई भागी-दौड़ी मौके पर पहुंची और अपने बच्चे को बचाया.

मासूम को मिली 1 रुपया चुराने की सजा, पिता ने खौलते पानी में डुबो दिये हाथ सोम्बरी बच्चे को चाईबासा सदर अस्पताल ले गयी. वहां दो महीने तक बच्चे का इलाज चला लेकिन कुछ सुधार नहीं दिखा. गरीबी और तंगहाली के कारण मां बच्चे को लेकर वापस अपने गां लौट गयी. घर आने के बाद फिर से बच्चे की हालत बिगड़ने लगी. तब उसने समाजसेवी जीतेन्द्र गोप और सुमिता होता फाउंडेशन के अध्यक्ष सदानंद होता से किसी तरह संपर्क किया.

बुधराम बोइपाई को फिर से चाईबासा सदर अस्पताल लाया गया है, जहां उसका इलाज फिर शुरू किया गया है. सदर अस्पताल के डॉक्टर बताते हैं की बच्चे के जख्म से भरे हाथ में काफी इन्फेक्शन हो गया है. बच्चे के इन्फेक्टेड पार्ट्स को अलग करना पड़ सकता है. फिलहाल मरहम पट्टी कर बच्चे थोड़ी रहत दी गयी है. इसके बाद एक्सरे और अन्य जांच के बाद उसके बेहतर इलाज की कोशिश की जाएगी.

इसे भी पढ़ें – झारखंड में वाहन चलाना हुआ महंगा, हर तरह के शुल्क में भारी बढ़ोत्तरी

मासूम को मिली 1 रुपया चुराने की सजा, पिता ने खौलते पानी में डुबो दिये हाथ सुमिता होता फाउंडेशन के अध्यक्ष सदानंद होता ने बताया कि उनसे बच्चे का रोना नहीं देखा जा रहा है. एक क्रूर पिता ने एक रुपया चुराने की ऐसी सजा मासूम को दी है कि वह अपाहिज हो गया है. उसके घाव भरे नहीं हैं और वह दर्द से रोता रहता है. मासूम इतने गरीब परिवार से है कि खाने तक के लिए पैसे नहीं है तो इलाज कैसे करवाएं. जानकारी के अभाव में इनके पास आयुष्मान कार्ड भी नहीं है. वे कोशिश कर रहे हैं कि किसी तरह इनका आयुष्मान कार्ड बन जाये. सदानंद होता ने आम लोगों से इस मासूम बच्चे को मदद करने की अपील की है.

समाजसेवी जीतेन्द्र गोप बताते हैं कि मासूम बच्चे बुधराम बोइपाई के पिता चिंता बोइपाई ने दो शादियां की हैं. पहली पत्नी से उसके पांच बच्चे हैं जबकि दूसरी पत्नी से उसके तीन बच्चे हैं. कुल आठ बच्चों के पिता की क्रूरता की यह कहानी है. जिस बच्चे का हाथ पिता चिंता बोइपाई ने खौलते पानी में डुबोया है वह दूसरी पत्नी का बड़ा बेटा है.

इसे भी पढ़ें – Jharkhand : पति के सरकारी क्वार्टर में महिला को देखकर भड़की पत्नी, जमकर हुई मारपीट

Related Articles

Back to top button
%d bloggers like this: