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पंप सेट टेंडर में गड़बड़ी, नियमों की अनदेखी कर प्रक्रिया की जा रही पूरी

Ranchi : कृषि विभाग के मृदा संरक्षण निदेशालय की ओर से पंप सेट और पाइप देने के लिए टेंडर निकाला गया है. इसके तहत राज्य के छोटे किसानों, एसएचजी, महिला समूह और किसानों के छोटे ग्रुप्स को सब्सिडी पर पंप सेट देना है.

सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए साल 2020-21 के लिए यह पंप सेट देना है. लगभग 15 हजार पंप सेट के लिए मैन्यूफैक्चरर और डीलरों के चयन के लिए निकले इस टेंडर में नियमों की अनदेखी होने की बात कही जा रही है.

मृदा संरक्षण निदेशालय की ओर से निकाले गये इस टेंडर में शुरुआती प्रक्रिया से ही नियमों की अनदेखी की गयी है. निकाले गये टेंडर में कई ऐसी शर्तें हैं, जिन्हें पूरा नहीं करनेवाले आवेदकों को भी सूचीबद्ध किया गया है.

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किस तरह की गड़बड़ियों की हो रही बात

मिली जानकारी के मुताबिक कृषि विभाग के मृदा संरक्षण निदेशालय की ओर से 07 जनवरी को टेंडर का नोटिस निकाला गया. जिसमें टेक्निकल और फिनांसियल बिड के लिए 20 जनवरी तक का समय दिया गया. इसके बाद 21 जनवरी को टेक्निकल बिड और 28 जनवरी को फिनांसियल बिड खोला गया. इसके बाद कंपनी और पंप सेट उपलब्ध करानेवाले डीलरों को सूचीबद्ध किया गया.

इस सूची में वैसी कंपनियों को भी शामिल कर लिया गया, जिन्होंने प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की है. टेंडर नोटिस में सील्ड लिफाफे के साथ टेंडर डालने को कहा गया था, पर कइयों ने लाह वाले सील मोहर की जगह सामान्य टेप से सटा लिफाफा डाला.

इसके अतिरिक्त टेंडर फीस ड्राफ्ट के माध्यम से देने को कहा गया था. इस ड्राफ्ट में हुई गलतियों के बाद भी कंपनी का चयन कर सूचीबद्ध किया गया है.

फिनांशियल बिड में चयन के बाद भी रिजेक्ट हुई कंपनियां

निदेशालय की ओर से निकाले गये टेंडर नोटिस में टेक्निकल और फिनांशियल बिड दोनों मंगाया गया. टेंडर शर्त के मुताबिक जो कंपनी टेक्निकल बिड में सही पायी जाती, उसका ही फिनांशियल बिड खोला जाना था. लेकिन कई कंपनियों का फिनांशियल बिड में चयन होने के बाद भी उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया.

टेंडर में गड़बड़ी के मामले में पूछे जाने पर मृदा संरक्षण निदेशक एफएन त्रिपाठी ने कहा कि किसानों को पंप सेट लेने के लिए ज्यादा से ज्यादा विकल्प मिले, हम इसकी कोशिश कर रहे हैं. टेंडर के आवेदन में थोड़ी गलतियां जो हैं, उन्हें नजरअंदाज किया गया है.

कई कंपनियों ने टेक्निकल बिड में जो जानकारी दी, वह सही नहीं पाये जाने की वजह से उन्हें हटाया गया है. लेकिन टेंडर प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं हो रही है.

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