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पुलवामा हमला :  आतंकी मरते रहेंगे, उससे पाकिस्तान को कोई फर्क नहीं पड़ता, उसे नुकसान पहुंचाना जरूरी

NewDelhi : जम्मू-कश्मीर  पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर हुए आतंकी हमले ने सुरक्षा बलों को नये सिरे से सोचने को विवश कर दिया है. आतंकवादी जहां आतंक फैलाने का नया तरीका अपना रहे हैं,  वहीं सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कहने की बजाय कि सब ठीक हो रहा है,  सरकार को कड़े कदम उठाने की जरूरत है. यह मसला गंभीर बनता जा रहा है. इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए.  सेना अधिकारियों का कहना है कि सर्जिकल स्ट्राइक का हल्ला मचाने का यह नुकसान हुआ कि अब तुरंत ऐक्शन लेने में दिक्कत हो सकती है.   सर्जिकल स्ट्राइक के वक्त नॉर्दन आर्मी कमांडर रहे लेफ्टिनंट जनरल दीपेंद्र सिंह हुडा (रिटायर्ड) ने कहा है कि आतंकियों का इस तरीके से हमला करना नया ट्रेंड है. 2001 में जम्मू-कश्मीर सचिवालय में इस तरह से अटैक हुआ था और फिर 2005 में भी इस तरह के 3-4 अटैक हुए थे. लेकिन तब से इस तरह का कोई अटैक नहीं हुआ. जम्मू-कश्मीर में आमतौर पर फिदायीन हमलावर नहीं दिखते,  लेकिन गुरुवार को जो हुआ यह बहुत चिंताजनक ट्रेंड है.

वक्त आ गया है कि सरकार को जाग जाना चाहिए

जनरल हुड्डा ने कहा कि वक्त आ गया है कि सरकार को जाग जाना चाहिए.  यह कहना कि हालात ठीक हो रहे हैं, इससे काम नहीं होगा.  पिछले साल सबसे ज्यादा सुरक्षाकर्मी मारे गये, जो 10 साल में सबसे अधिक थे.  पिछले साल अलग-अलग घटनाओं में और अटैक में 95 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे. उन्होंने कहा कि हमें खुद को मूर्ख बनाना बंद करना होगा.  ऐसा नहीं है सब ठीक हो रहा है आतंकियों का रिक्रूटमेंट भी बढ़ रहा है;  जनरल हुड्डा ने कहा कि सबसे पहले यह मानना पड़ेगा कि दिक्कत है.  अगर यह कहते रहें कि हमारे टाइम में तो कोई आतंकी हमले ही नहीं हुए, सब ठीक है…तो सबसे पहले दिक्कत को मानें और प्लान बनाकर उससे डील करें.  एक सीनियर आर्मी ऑफिसर ने कहा कि पहले जब काफिला चलता था, तब बीच में सिविल गाड़ियों को नहीं आने देते थे.  लेकिन हालात ठीक हो रहे थे तो काफिले के बीच में आगे पीछे सिविल गाड़ियां भी चलती रहती हैं, जो खतरनाक साबित हुआ.  आर्मी ऑफिसर के अनुसार सर्जिकल स्ट्राइक से हमें दो साल की शांति मिली.  सर्जिकल स्ट्राइक में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था तो अब नये आतंकी आ गये हैं.उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक में पाकिस्तान के सैनिक नहीं मरे थे, सैनिकों पर तो ऐक्शन कम हुआ है, तो अब यह सोचना होगा कि हम पाकिस्तान को कैसे नुकसान पहुंचा सकते हैं.

आतंकी मरते रहेंगे तो उससे पाकिस्तान को कोई फर्क नहीं पड़ता है.  उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक का इतना हल्ला कर दिया कि अब कोई सरप्राइज नहीं बचा है हमारे लिए.  किसी भी रणनीति के लिए सरप्राइज बेहद जरूरी होता है. अब सरप्राइज न रहने से तुरंत ऐक्शन लेने में सरकार के लिए परेशानी आयेगी. अगर पिछली बार इतना हल्ला नहीं किया होता तो हम फिर जाकर कुछ कर सकते थे. अब तो जितने भी आतंकी बॉर्डर या एलओसी के आसपास होंगे वह पीछे की ओर सुरक्षित स्थानों पर चले जायेंगे.

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