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सार्वजनिक क्षेत्र की जनरल इंश्योरेंस कंपनियों की हड़ताल, बंद रहे कार्यालय, जमकर हुई नारेबाजी

Jamshedpur : ज्वाइंट फोरम ऑफ ट्रेड यूनियन और एसोसिएशन ने शुक्रवार को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल किया. इस हड़ताल में बिहार, झारखंड सहित समस्त देश में स्थित ओरिएंटल इंश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस और न्यू इंडिया इंश्योरेंस के सभी कार्यालय बंद रहे और इन कार्यालयों में पदस्थापित समस्त अधिकारियों व कर्मचारीयों ने भाग लिया. हड़ताल के दौरान जमशेदपुर स्थित ओरिएंटल, नेशनल, यूनाइटेड इंडिया और न्यू इंडिया के मंडल कार्यालयों के मंडल प्रबंधक सहित सभी कर्मचारियों ने अपनी मांगों को पूरा करने हेतु जमकर नारेबाजी की.
इस अवसर पर न्यू इंडिया इंश्योरेन्स मण्डल कार्यालय के मंडल प्रबंधक सोनल टेटे, शाखा प्रबंधक पंकज कुमार, सागर, अमितेश कुमार, गौरव सिंह, सूरज कुमार, अमर लाल, जेएस चौबे, संजू प्रसाद, गौरव चौधरी, अमित कुमार, राहुल उपाध्याय, सुनीता, ललिता सहित सैकड़ों सदस्य शामिल हुए. हड़ताल के दौरान बिहार, झारखंड इंश्योरेंस इम्प्लॉइज एसोसिएशन के प्रदेश सह सचिव राजेश पांडेय ने सभा को संबोधित किया एवं आने वाले दिनों में अपनी लंबित मांगों को सरकार से पूरा करने के लिए आंदोलन की धार और अधिक तेज़ करने की अपील की.
बताते चलें कि भारत सरकार के द्वारा जनरल इंश्योरेंस बिजनेस नेशनलाइजेशन एक्ट 2021 जो दोनों ही सदन से पास है और स्वीकृति प्रदान कर दी गई है. इसके द्वारा सार्वजनिक साधारण बीमा कंपनियों के निजीकरण का रास्ता खोला गया है. हड़ताली कर्मचारियों ने इसी पर अपना विरोध जताते हुए भारत सरकार से यह मांग की कि सार्वजनिक साधारण बीमा कंपनियों के निजीकरण के मार्ग को बंद करने के लिए जिबना एक्ट को वापस लिया जाए और सार्वजनिक साधारण बीमा कंपनियों को मजबूती प्रदान करने के लिए इन चारों कंपनियों को मर्ज किया जाए. बजट सत्र 2018 में स्व. अरुण जेटली के द्वारा यह प्रस्ताव लिया गया था कि ओरिएंटल, नेशनल और यूनाइटेड इंडिया को मर्ज कर एक कंपनी का निर्माण किया जाएगा. उसे लागू किया जाए. हड़ताली कर्मियों ने यह भी मांग की कि अगस्त 2017 से सार्वजनिक साधारण बीमा कंपनियों का वेतन पुनरीक्षण लंबित है. इस पर जल्द से जल्द वार्ता कर लागू किया जाए. सेवानिवृत्त बीमा कर्मियों का पेंशन अपडेट नहीं होता है, जिसे लागू किया जाए तथा वर्तमान में फैमिली पेंशन के रूप में 15 प्रतिशत दिया जाता है, इसे बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया जाए. वर्तमान में अप्रैल 2010 से सभी बीमाकर्मियों को एनपीएस दिया जाता है, जिसे समाप्त कर सभी बीमाकर्मियों को पेंशन स्कीम 1995 के अंतर्गत लाया जाए.

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