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मार्च के अंत तक 42,000 करोड़ की पूंजी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को मिलेगी

पिछले साल अक्टूबर में सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 2.11 लाख करोड़ रुपये के पूंजी निवेश कार्यक्रम की घोषणा की थी.

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NewDelhi : पैसों की कमी से जूझ रहे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सरकार मार्च के अंत तक 42,000 करोड़ रुपये की पूंजी डालने जा रही है.  इसकी अगली किस्त दिसंबर में जारी किये जाने की बात कही गयी है. वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है. खबरों के अनुसार सरकार ने इससे पूर्व इसी माह पांच सरकारी बैंक इलाहाबाद बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक में 11,336 करोड़ रुपये की पूंजी डाली थी. इन बैंकों की वित्तीय सेहत सुधारने के लिए सरकर ने यह कदम उठाया है. अधिकारी ने कहा कि हम दिसंबर के मध्य तक बैंकों में पूंजीकरण के लिए अगली किस्त डालेंगे. शेष बचे चालू वित्त वर्ष में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में लगभग 42,000 करोड़ रुपये की पूंजी डाली जायेगी.

बैंकों में 2.11 लाख करोड़ रुपये के पूंजी निवेश की योजना

अधिकारी ने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक और पीएनबी जैसे बड़े बैंकों को संभवत: चालू वित्त वर्ष में और पूंजी निवेश की जरूरत नहीं होगी. पीएनबी को पहले ही दो बार नियामकीय पूंजी मिल चुकी है. कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को अब पूंजी पर्याप्तता अनुपात के लिए कम पूंजी की जरूरत है, क्योंकि रिजर्व बैंक ने पिछले सप्ताह उनके लिए वैश्विक नियमों या बासेल तीन के अनुपालन की समयसीमा एक साल बढ़ाकर मार्च, 2020 तक कर दी है. जान लें कि पिछले साल अक्टूबर में सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 2.11 लाख करोड़ रुपये के पूंजी निवेश कार्यक्रम की घोषणा की थी.

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