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पलाश ब्रांड के उपयोग में हो जनभागीदारी, आत्मनिर्भर महिलाओं से झारखंड को मिलेगी नयी पहचानः हेमंत सोरेन

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Ranchi : सीएम हेमंत सोरेन ने प्रोजेक्ट भवन में मंगलवार को सखी मंडलों द्वारा तैयार उत्पादों के ब्रांड पलाश का अनावरण किया. साथ ही आजीविका संवर्धन हुनर अभियान (ASHA) औऱ फुलो झानो आशीर्वाद योजना का भी शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने लोगों से पलाश ब्रांड को प्रमोट करने में सामने आने की अपील की. कहा कि लिज्जत़, अमूल ब्रांड की तरह पलाश भी झारखंड की नयी पहचान बना सकता है.

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उन्होंने कहा कि राज्य में 30 लाख ग्रामीण परिवार एसएचजी से जुड़े हुए हैं. उनके हाथों तैयार प्रोडक्टस को प्रोत्साहित करने में जनसहभागिता की जरूरत है. इससे न सिर्फ महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी, बल्कि झारखंड की भी मजबूत पहचान बनेगी. मौके पर उन्होंने पलाश उत्पाद प्रचार सह बिक्री वाहन को हरी झंडी दिखा कर रवाना भी किया. ग्रामीण विकास विभाग द्वारा शुरू की गयी तीनों योजनाओं के शुभारंभ के मौके पर ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, मंत्री बन्ना गुप्ता, चंपई सोरेन, सत्यानंद भोक्ता और बादल पत्रलेख भी उपस्थित थे. साथ ही सीएस सुखदेव सिंह, विभागीय सचिव आराधना पटनायक, जेएसएलपीएस के सीइओ राजीव कुमार सहित अन्य लोग भी शामिल थे.

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हड़िया दारू का कलंक मिटाने की योजना

हेमंत सोरेन के अनुसार राज्य में बड़ी संख्या में ग्रामीण तबके की महिलाएं परिवार की जरूरतों के लिए दारू हंड़िया बेचने को विवश रही हैं. फुलो झानो आशीर्वाद योजना के जरिये महिलाओं को इस कलंक से मुक्ति दिलायी जायेगी. उन्हें आजीविका के दूसरे साधनों से जोड़ा जायेगा. इसके तहत अब तक 15 हजार से ज्यादा महिलाओं का सर्वेक्षण मिशन नवजीवन के तहत किया जा चुका है. इन महिलाओं की काउंसेलिंग कर मुख्यधारा की आजीविका से जोड़ा जायेगा. आगे भी सरकार इस तरह की योजनाओं को बढ़ावा देगी.

आशा के जरिये नयी पहचान

सीएम ने बताया कि आशा के जरिए 17 लाख ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के सशक्त साधनों से जोड़ा जाना है. इसके तहत महिलाओं को कृषि आधारित आजीविका, पशुपालन, वनोपज संग्रहण एवं प्रसंस्करण, उद्यमिता समेत स्थानीय संसाधनों से जुड़े स्वरोजगार का अवसर भी उपलब्ध कराया जायेगा. मिशन सक्षम के डेटाबेस में दर्ज 4.71 लाख प्रवासियों में से करीब 3.6 लाख प्रवासियों के परिवार को आशा के तहत फायदा होगा. हाल के दिनों में एसएचजी समूहों को 600 करोड़ दिये जा चुके हैं. आगे भी सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विशेष पहल करेगी.

लॉकडाउन में भी जोरदार प्रयास

मंत्री आलमगीर आलम के अनुसार मार्च से राज्य में लॉकडाउन शुरू हो गया. बाहर से बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक और अन्य लोग लौटे. कोरोना के कारण कई तरह की चुनौतियां राज्य में थी. बावजूद इसके राज्य सरकार ने लोगों को राशन मुहैया कराने और लोगों के लिए रोजगार सृजन में कई उल्लेखनीय काम किये हैं.

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