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मुख्य अभियंता बीरेंद्र राम के खिलाफ जनहित याचिका दायर, संपत्ति की जांच और पद से हटाने की मांग की गयी

राज्य में अलग-अलग समय में पुल निर्माण में अनियमितता बरतने का आरोप

Ranchi : ग्रामीण विकास विभाग के प्रभारी अभियंता प्रमुख बीरेंद्र राम के खिलाफ झारखंड हाइकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर हुई है. याचिकाकर्ता पंकज यादव की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार ने यह जनहित याचिका दायर की है. पिछले तीन साल में दर्जनों टूटे पुल में बीरेंद्र राम की संलिप्तत्ता का आरोप याचिका में लगाया गया है. जिसमें रांची, गुमला और पलामू में नवनिर्मित तथा अर्धनिर्मित पुलों के निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप है.

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सीएजी की रिपोर्ट को बनाया आधार

सीएजी की रिपोर्ट को आधार बनाते हुए अभियंता प्रमुख बीरेंद्र राम को पद से हटाने की मांग की गयी है. श्री राम पर आय से अधिक संपत्ति की जांच और पूर्व में उन पर एसीबी में अवैध संपत्ति की जांच का भी उल्लेख इस जनहित याचिका में की गयी.

साथ ही पिछले विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी राजकुमारी के चुनाव लड़ने और चुनाव के दौरान दो करोड़ सैंतालिस लाख रुपये पकड़े जाने की जानकारी इस जनहित याचिका में दी गयी है.

याचिकाकर्ता पंकज यादव ने सीएजी के रिपोर्ट का हवाला देते हुए टूटे हुए पुलों की जांच के जिम्मेदार पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. इस याचिका में ईडी, इनकम टैक्स, एसीबी सहित मुख्य सचिव तथा विभागीय सचिव को प्रतिवादी बनाया गया है.

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