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जमशेदपुर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मनमाना अनाज दे रहे जनवितरण डीलर, आधे से भी कम दे रहे वजन, चावल देते ही नहीं

Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले में जमशेदपुर शहर के आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जन वितरण डीलरों की मनमानी चरम पर है. जन वितरण दुकानों में बायोमीट्रिक मशीन के जरिये कार्डधारी के अंगूठे का स्कैन कर राशन दिया जाता है. भोले-भाले ग्रामीणों को इस मशीन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती है. इसका फायदा राशन डीलर उठाते हैं. न्यूज विंग को कई लाभुकों ने बताया कि उन्हें तीन माह से उनके कोटे का खाद्यान्न सही तरीके से नहीं मिल रहा है. सीपी टोला बागबेड़ा के डीलर चुनका मार्डी की शिकायत करते हुए कार्डधारी जयप्रकाश सिन्हा बताते हैं कि पिछले तीन महीने से उन्हें कभी 9 किलो, कभी 12 किलो तो कभी 10 किलो गेहूं दिया जा रहा है. डीलर द्वारा चावल नहीं दिया जा रहा है. पूछने पर कहा जाता है कि ऊपर से ही राशन कम आ रहा है.  उनकी यह भी शिकायत है कि 2019 के बाद कभी उन्हें सही तरीके से राशन नहीं मिला. उनके घर में पहले 5 सदस्य थे. पिता के देहांत के बाद चार सदस्य रह गये. खाद्य सुरक्षा  कानून के तहत पीएच कार्ड पर प्रति लाभुक 5 किलो अनाज मिलता है. प्रति लाभुक 5 किलो अनाज केंद्र सरकार की तरफ से मिलता है. कुल मिलाकर उनके परिवार को प्रति महीने 40 किलो अनाज मिलना चाहिए, लेकिन उन्हें आधा भी नहीं दिया जा रहा है.

जुलाई माह का राज्य सरकार और केंद्र सरकार का राशन पूरा-पूरा नहीं मिला है. हालांकि कुछ को पूरा कोटा मिला है और कुछ को अगस्त का भी राज्य सरकार वाला अनाज का कोटा मिल गया है, लेकिन केंद्र वाला पीएमजीवाई नहीं मिला. – डीलर

जुलाई का केंद्र सरकार का कोटा और अगस्त का राज्य सरकार का कोटा पूरी तरह से नहीं आया है. लेकिन देर-सवेर आ जायेगा. दो-तीन महीने से अगर राशन डीलर सही तरीके से अनाज नहीं दे रहा है, तो यह मामला गंभीर है. – सत्येंद्र सिंह (एफसीआई ठेकेदार).

इसी तरह सीपी टोला के कमलेश सिंह का डीलर बाजार टोला स्थित डीलर राजेश शर्मा उर्फ भोली है. कमलेश बताते हैं कि उन्हें तीन माह से चावल नहीं मिल रहा है. इनके घर में कुल 5 सदस्य हैं. इन्हें 50 किलो अनाज मिलना चाहिए, लेकिन इन्हें डीलर मात्र 25 किलो अनाज दे रहा है. ऐसा ही आरोप चुन्नी सिंह नामक कार्डधारी ने भी लगाया. न्यूज़ विंग की टीम ने इस इलाके में करीब दर्जनों लोगों से बात की और सभी जगह से राशन कब मिलने की शिकायतें मिलीं.  कुछ लाभुकों ने तो आरोप लगाया कि डीलर अनाज की कालाबाजारी करते हैं और इसमें विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत है. सबकी साठगांठ से जमशेदपुर प्रखंड और पोटका प्रखंड में अनाज की कालाबाजारी जोरों पर है.

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Sanjeevani

 

 

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