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पीटीआर को हर साल मिलता है 4.5 करोड़ का फंड, फिर भी पांच माह से पीटीआर में नहीं दिखा बाघ

हाईकोर्ट के आदेश के बाद पीटीआर में बाघ लाने की तैयारी, वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट को प्रोजेक्ट की दी गई है जिम्मेवारी

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Ranchi : पलामू रिजर्व टाइगर(पीटीआर) में पिछले पांच महीने से बाघ नहीं दिखा है. इसको लेकर वन विभाग भी गंभीर है. विभाग को अब तक बाघों का सही आंकड़ा भी नहीं मिल पाया है. जबकि देशभर में हुई जनगणना के अनुसार झारखंड में बाघों की संख्या सिर्फ तीन बतायी गयी है. हाईकोर्ट के आदेश के बाद वन विभाग रेस हो गया है. अब वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट को जिम्मेवारी दी गई है कि वह यह पता लगाये कि किस क्षेत्र में बाघ को रखा जाना है.

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क्या है हाईकोर्ट का आदेश

हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि बाघों के संरक्षण को बढ़ावा देने से संबंधित कई आदेशों का अनुपालन नहीं किया गया. ऐसे में लगता है कि आदेश नहीं मानने वाले अफसर ना तो मुख्यमंत्री का सम्मान करते हैं और ना ही हाईकोर्ट का. कर्त्तव्य के प्रति इस तरह के व्यवहार को बर्दास्त नहीं किया जा सकता. इसके बाद से वन विभाग रेस हो गया है.

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क्या है वन मंत्रालय का निर्देश

वन मंत्रालय के निर्देशानुसार शेर, बाघ और हाथियों के लिये राज्यों में सुरक्षित क्षेत्र का विकास किया जाना है. जानवरों के शिकार और उसके व्यवसायिक शोषण के खिलाफ उच्चस्तरीय विधिक सुरक्षा उपलब्ध करायी गयी है. दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा के प्रावधान किये गये हैं. अभियोजन चलाने के लिये सीबीआई को पर्याप्त शक्ति भी दी गयी है.

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पीटीआर में हर साल चार करोड़ खर्च

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पलामू टाइगर रिजर्व में बाघ सहित जंगली जानवरों के संरक्षण में हर साल 4.5 करोड़ रुपये खर्च किये जाते हैं. यह राशि नेशनल टाइगर कंजवेशन ऑथिरिटी उपलब्ध कराती है. बावजूद इसके जंगली जानवरों का संरक्षण नहीं हो पा रहा है.

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बाघों की बीडिंग की तैयारी

पलामू टाइगर रिजर्व में बाघों की बीडिंग(प्रजनन) की तैयारी भी है. पीटीआर में एक से दो जोड़ा बाघ लाने की योजना है. इसके लिये ओडिशा के सतकोफिया बीडिंग सेंटर का अध्ययन भी किया गया है. वहां मध्यप्रदेश से बाघों को ले जाकर बीडिंग कराया जा चुका है.

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साल दर साल घटती गयी बाघों की संख्या

साल बाघों की संख्या
1992 50
1993 44
1994 49
1995 50
1996 40
1997 44
1999 37
2000 37
2002 38
2003 36
2005 17
2007 15
2009 17
2011 07
2012 सिर्फ गिनती, स्पष्ट आंकड़ा नहीं.
2013 स्पष्ट आंकड़ा नहीं .
2016-17 03
2018 स्पष्ट आंकड़ा नहीं, विभाग का दावा चार से पांच बाघ हैं.

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