न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

जमानत के प्रावधान को तीन तलाक विधेयक में जोड़ा गया

225

New Delhi : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तलाक-ए-बिद्दत (एक बार में तीन तलाक) के दोषी व्यक्ति को जमानत देने के प्रावधान को विधेयक में जोड़ने की गुरुवार को मंजूरी दे दी. सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी. एक बार में तीन तलाक गैरकानूनी बना रहेगा और इसके लिए पति को तीन वर्ष की जेल की सजा हो सकती है.

इसे भी पढ़ें- झारखंड कैडर के 87 आईएफएस हो गये हैं पीछे, आईएस व आईपीएस तीन साल निकले आगे

मजिस्ट्रेट दे सकेंगे जमानत

मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक को लोकसभा ने मंजूरी दे दी थी, यह राज्यसभा में लंबित है जहां सरकार के पास संख्याबल कम है. विपक्षी दलों की मांगों में से एक इस विधेयक में जमानत का प्रावधान जोड़ना भी शामिल था . सूत्रों के मुताबिक जिन प्रावधानों को मंजूरी दी गई है उनके अंतर्गत अब मजिस्ट्रेट जमानत दे सकेंगे.

इसे भी पढ़ें- 125 वोटों के साथ हरिवंश बने उपसभापति, हरिप्रसाद को मिले 105 वोट

प्रस्तावित कानून केवल तलाक ए बिद्दत पर ही होगा लागू

प्रस्तावित कानून केवल तलाक ए बिद्दत पर ही लागू होगा. इसके तहत पीड़ित महिला अपने और अपने नाबालिग बच्चों के लिए गुजारे भत्ते की मांग को लेकर मजिस्ट्रेट के पास जा सकती है. पीड़ित महिला मजिस्ट्रेट से बच्चों को अपने संरक्षण में रखने की मांग कर सकती है. इस मुद्दे पर अंतिम फैसला मजिस्ट्रेट लेगा.

इसे भी पढ़ें- यशवंत,शौरी व प्रशांत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, राफेल डील आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला

इसे भी पढ़ें- जेडीयू विधायक और बिहार की समाज कल्याण मंत्री ने दिया इस्तीफा

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

silk_park

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: