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सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए आपदा प्रबंधन विभाग से उपलब्ध करायें एक अरब रुपये : मुख्यमंत्री

मनरेगा से 150 दिनों का दें रोजगार

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Ranchi: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने राज्य के सूखाग्रस्त इलाकों के लिए आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से एक अरब रुपये उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा है कि सूखे को देखते हुए ऐसे इलाकों का चयन कर, उसके लिए एडवांस प्लानिंग करें. उन्होंने फसल बीमा का लाभ किसानों को जल्द से जल्द दिलाने को भी कहा है. सुखाड़ की समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग से मिली राशि को सहायता कार्य में लगाया जाये. हर विभाग से एक महीने के अंदर सूखे से संबंधित रिपोर्ट भी तलब की गयी है. राज्य सरकार सुखाड़ग्रस्त क्षेत्र में जो कार्य करेगी उसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने का आदेश दिया गया है. सूखाग्रस्त इलाकों में रबी फसलों के बीज पर सब्सिडी 50 फीसदी से बढ़ा कर 90 फीसदी करने को कहा गया है.

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21 नवंबर के पहले केंद्र को भेजी जायेगी सूखे की रिपोर्ट

मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के संभावित सूखा क्षेत्र को 10 नवंबर तक चिह्नित करने का आदेश दिया है. सभी विभागों से कहा गया है कि वे सूखे से संबंधित रिपोर्ट के आधार पर योजना बनायें और पांच दिनों के अंदर सूखे से निबटने के लिए राशि की मांग करें. 21 नवंबर के पहले राज्य सरकार की तरफ से केंद्र को सुखाड़ की स्थिति पर रिपोर्ट भेजी जायेगी.

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सभी मुखिया को दिये गये 10-10 हजार रुपये

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी स्थिति में सुखाड़ क्षेत्र में अनाज की कमी नहीं हो. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी पंचायतों के मुखिया के खाते में 10 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं. इससे संबंधित पंचायत में किसी भी नागरिक को अनाज की कमी नहीं होने दी जायेगी और न ही भूख की स्थिति उत्पन्न होने दी जायेगी. जरूरत पड़ने पर ऐसे परिवारों को संबंधित मुखिया बाजार से अनाज खरीद कर उपलब्ध करायेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा कोई भी वृद्ध व्यक्ति जिसके पास किसी भी प्रकार का राशन कार्ड नहीं है, उसे अन्नपूर्णा योजना के तहत 10 किलो अनाज दिया जाये. जल्द से जल्द पूरे राज्य में कैम्प लगाकर इसकी जानकारी तथा अनाज उपलब्ध कराया जाये.

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मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर सुखाड़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाये. किसानों द्वारा अपनी समस्या बताए जाने पर तुरंत उसे कैसे राहत पहुंचायी जाए यह सुनिश्चित कराये जाने पर भी जोर दिया गया है. सरकार के स्तर पर पहले से कार्यरत किसान हेल्पलाईन भी पूरी तरह कार्यरत रहे तथा किसी भी किसान को यदि पिछले वर्षों की फसल बीमा की राशि नहीं मिली हो तो वे इसकी सूचना अवश्य दें. ऐसे किसानों को तत्काल फसल बीमा की राशि उपलब्ध कराई जायेगी.

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सूखाग्रस्त क्षेत्रों के किसानों से मार्च 2019 तक नहीं लें कोई भी शुल्क

मुख्यमंत्री ने कहा है कि सुखाड़ग्रस्त घोषित होने के बाद प्रभावित क्षेत्र के किसानों से ऋण, सहकारिता ऋण, राजस्व लगान, सेस, पटवन शुल्क, विद्युत शुल्क की वसूली मार्च 2019 तक न की जाये. इसके लिए राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक बुला कर उन्हें भी निर्देश दिया जाये. सुखाड़ प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अग्रिम योजना बनाते हुए आपदा के तहत तत्काल कार्य शुरू करें. मनरेगा के तहत प्रावधान के अनुरूप 100 दिनों के रोजगार के बदले 150 दिनों का रोजगार दिया जाये. कृषि विभाग द्वारा जो तालाब का निर्माण कराया जाना है वे प्राथमिकता के आधार पर इन क्षेत्रों में पहले कराया जाये. हर हाल में पशु चारा भी सूखाग्रस्त क्षेत्रों में उपलब्ध रहे एवं प्रखण्ड स्तर पर कैंप लगा कर किसानों को पशु चारा उपलब्ध कराया जाये. साथ ही पशु चिकित्सा एवं दवा के लिए पंचायत स्तर पर कैंप लगायें. प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुखाड़ क्षेत्रों के सभी गांवों में प्राथमिकता के साथ ग्राम विकास समिति और आदिवासी विकास समिति को भेजे जाने वाले 5 लाख रुपये यथाशीघ्र भेज दिए जायें. बैठक में कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने कहा कि कृषि विभाग पूरी मुस्तैदी से सभी किसानों के हित में कार्य करेगा तथा किसानों को कोई परेशानी न हो इसका ख्याल रखेगा.

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी, अपर मुख्य सचिव सह विकास आयुक्त डीके तिवारी, अपर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह,  गृह विभाग के प्रधान सचिव एसकेजी रहाटे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार बर्णवाल, ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव अविनाश कुमार, कृषि सचिव पूजा सिंघल, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव केके सोन, पेयजल और स्वच्छता विभाग की सचिव आराधना पटनायक, खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के सचिव अमिताभ कौशल तथा विभिन्न विभागों के निदेशक एवं अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.

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