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नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध, असम बंद, पीएम को नहीं घुसने देने की धमकी

असम में नागरिकता (संशोधन) विधेयक का विरोध हो रहा है. विधेयक के विरोध में शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने असम बंद का ऐलान किया. गुरुवार को भी असम में विरोध प्रदर्शन किया गया था.

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Guwahati : असम में नागरिकता (संशोधन) विधेयक का विरोध हो रहा है. विधेयक के विरोध में शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने असम बंद का ऐलान किया. गुरुवार को भी असम में विरोध प्रदर्शन किया गया था. बता दें कि गुवाहटी में धारा 144 लगाई गयी है. पुलिस के अनुसार प्रदशर्नकारियों के एक समूह ओइक्या सेना ने भाजपा कार्यालय में भी तोड़फोड़ की थी.  70 साझेदार संगठनों के साथ आंदोलन की अगुवाई कर रहे कृषण मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) ने कहा है कि जब तक नागरिकता (संशोधन) विधेयक वापस नहीं लिया जाता है, तब तक पीएम और केन्द्रीय मंत्रियों को पूर्वोत्तर में प्रवेश नहीं करने दिया जायेगा. बता दें कि दो दिन पहले लोकसभा में नागरिक (संशोधन) विधेयक को पारित किया गया था.

इस विधेयक के कानून बनने के बाद धार्मिक अत्याचार के कारण बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भागकर 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आने वाले गैर मुस्लिमों को भारतीय नागरिकता मिल जायेगी.  इस संबंध में सीसीटीओए (कॉर्डिनेशन कमेटी ऑफ द ट्राईबल ऑर्गेनाइजेशन ऑफ असम) के नेता आदित्या खाकलेरी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने राज्य के वास्तविक आदिवासियों को खत्म करने की साजिश रची है.

साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता हिरेन गोहेन के खिलाफ राजद्रोह का केस

बदलते घटनाक्रम के बीच साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता हिरेन गोहेन के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज किया गया है.  पुलिस के अनुसार सात जनवरी को गुवाहटी की एक रैली में हिरेन ने बिल के खिलाफ जनता के बीच  भड़काउ भाषण दिया था.  हिरेन के अलावा वरिष्ठ पत्रकार मंजीत महंत और केएमएसएस नेता अखिल गोगोई का नाम भी राजद्रोह की लिस्ट में शामिल है. केएमएसएस नेता अखिल गोगोई ने पत्रकारों से कहा था कि विधेयक दमनकारी और सांप्रदायिक है.  अगर इस विधेयक को स्वीकार किया जाता है तो भारत में धर्मनिरपेक्षता खत़्म हो जायेगी.  कहा था कि असमी लोगों ने हमेशा अवैध प्रवासियों का विरोझ किया है. ऐसे में अगर ये विधेयक पास हो गया तो बांग्लादेशी असम की तरफ आ जायेंगे. इससे असम के मूल निवासियेां का अस्तित्व खतरे में पड़ जायेगा.

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