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जिस जमीन की नहीं हो सकती खरीद-बिक्री, निगम ने उसी का नक्शा पास कराने को भेजा प्रस्ताव

Pravin Kumar

Ranchi: भुइहरी जमीन पर शहर में बड़े-बड़े निर्माण कार्य भी देखे जा सकते हैं. भुइहरी जमीन पर नक्शा पास करने का अधिकार नगर निगम को भी नहीं है. इसके बावजूद शहर में भुइहरी जमीन पर बहुमंजिला इमारतें खड़ी हो रही हैं. इस बीच एक दिलचस्प मामला सामने आया है.

नगर निगम ने 10 माह पहले नगर विकास विभाग को प्रस्ताव भेजकर भुइहरी जमीन पर नक्शा पास करने की गाइडलाइन उपलब्ध कराने की मांग की है. जिसमें कहा गया है कि रांची निगम क्षेत्र में भुइहरी जमीन पर नक्शा पास करने के लिए कई आवेदन प्राप्त हुआ है.

जबकि भुइहरी जमीन सरकार में निहित नहीं है. भुइहरी जमीन की खरीद और बिक्री का संचालन सरकार नहीं करती. इस जमीन की दाखिल खारीज और म्यूटेशन नहीं होता है. ना ही इसे पंजी टू में दर्ज किया जाता है. इतना ही नहीं, राज्य सरकार इस तरह की जमीन की लगान रसीद भी नहीं काटती है.

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प्रस्ताव में निगम ने 2016 के बिल्डिंग बायलॉज का किया जिक्र

नगर विकास विभाग को भेजे गये प्रस्ताव में निगम ने कहा है कि बिना लगान रसीद और पंजी टू में एंट्री के बिना बिल्डिंग बायलॉज का प्रावधान पूरा नहीं होता. इस वजह से भुइहरी जमीन पर नगर निगम नक्शा पास नहीं कर पा रही है.

इसके अलावा प्रस्ताव में कहा गया है कि नगर विकास विभाग इस संबंध में गाइडलाइन उपलब्ध कराये, ताकि हम भुइहरी जमीन पर बिल्डिंग प्लान के तहत नक्शा पास कर सकें.

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क्या है 2016 के बिल्डिंग बायलॉज में नक्शा

नगर विकास विभाग को भेजे गये प्रस्ताव में बताया गया है कि, 2016 के बिल्डिंग बायलॉज के कंडिका 5.4 में जमीन का सेल्फ अटेस्टेड मालिकाना दस्तावेज नक्शा पास होने के लिए जरूरी है.

वहीं कंडिका 5.4.1 के मुताबिक, नक्शा पास कराने के लिए सेल्फ अटेस्टेड डीड की कॉपी जरूरी है. वहीं बिल्डिंग बायलॉज के कंडिका 5.4.2 में, जमीन की रेंट रसीद नक्शा पास करने के लिए जरूरी बनायी गयी है.

क्या है भुइहरी जमीन को लेकर कानूनी प्रावधान

भुइहरी जमीन का हस्तांतरण आदिवासियों के बीच भी नहीं हो सकता, न ही हस्तांतरण की कोई नियमावली बनी हुई है. सीएनटी एक्ट की धारा 48 में भुइहरी जमीन की बिक्री पर रोक लगी हुई है. जिले के डीसी की स्वीकृति से यदि कोई व्यक्ति भुइहरी जमीन विशेष प्रयोजन के लिए लेता भी है, तो इसके बाद भी भुइहरी जमीन की प्रजा का उस जमीन पर सीमित अधिकार है.

इस जमीन का वह (डीसी के परमिशन से जिसे मिला है- प्रजा) खरीद बिक्री नहीं कर सकता. चूंकि डीसी के परमिशन से विशेष कार्य के लिए भुइहरी जमीन ली गयी है. ऐसे में अगर वो व्यक्ति उस कार्य को नहीं करता, तब उस व्यक्ति का अधिकार स्वत: ही खत्म हो जाता है. इस जमीन की खरीद-बिक्री किसी भी सूरत में नहीं की जा सकती.

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