न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

बिजली दर में बढ़ोतरी का प्रस्ताव जनविरोधी : योगेंद्र प्रताप

23

Ranchi : झाविमो के केंद्रीय प्रवक्ता योगेंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि रघुवर सरकार द्वारा प्रस्तावित बिजली का नया टैरिफ प्लान पूरी तरह जनविरोधी है. यह सरकार द्वारा गरीबों के शरीर से सीरिंज लगाकर खून निकालने सरीखा फैसला है. इससे बेहतर होगा कि सरकार सीधे सीरिंज लगाकर ही आम लोगों के शरीर से खून निकाल ले. झारखंड बिजली वितरण निगम का जो नया प्रस्ताव है, उसके मुताबिक ग्रामीण इलाकों में प्रति यूनिट 1.60 रुपये से लेकर 2.50 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है. घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्रतिमाह फिक्स्ड रेट 35 रुपये से बढ़ाकर 75 रुपये व प्रति यूनिट चार्ज 4.40 रुपये से बढ़ाकर छह रुपये करना पूरी तरह अनुचित है. वहीं, इससे कॉमर्शियल व इंडस्ट्री पर अधिक भार पड़ेगा. कृषि छोड़कर सभी प्रकार के उपभोक्ताओं पर 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है. कहने को तो प्रत्यक्ष तौर पर कृषि क्षेत्र में बढ़ोतरी का प्रस्ताव नहीं है, परंतु अप्रत्यक्ष रूप से किसानों का भी इससे प्रभावित होना तय है.

अप्रैल में ही बिजली दर में 98 फीसदी की बढ़ोतरी की थी सरकार ने

इसके पूर्व अप्रैल 2018 में भी सरकार ने बिजली दर में 98 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर दी थी. बाद में लगातार बढ़ते जनदबाव के कारण सब्सिडी का लॉलीपॉप दे दिया गया. पहले ही बढ़ी दर उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई है, फिर दर में बढ़ोतरी से ग्रामीण व शहरी उपभोक्ताओं की कमर टूटनी तय है. हर पांच-छह माह पर ऐसा जनविरोधी प्रस्ताव लाना सरासर गलत है. रघुवर सरकार लगातार जनविरोधी फैसले ले रही है. जनहित में सरकार को इस प्रस्ताव पर अविलंब रोक लगानी चाहिए.

इसे भी पढ़ें- झारखंड के स्कूलों में नामांकन में आधार कार्ड की अनिवार्यता अब नहीं, सरकार ने जारी की अधिसूचना : AAP

इसे भी पढ़ें- धनबाद नगर निगम: 50-60 लाख रुपये खर्च पर उठ रहे सवाल

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

%d bloggers like this: