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झारखंड के नगर निकायों का संपत्ति कर संग्रह 2017-18 में बढ़कर 106 करोड़ रुपये

New Delhi : झारखंड के नगर निकायों का संपत्ति कर संग्रह 2017-18 में बढ़कर 105.6 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. पीपीपी मॉडल पेश करने समेत नवोन्मेष और सुधारों के चलते इसमें तेजी आई. राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारी ने यह बात कही. झारखंड में संपत्ति कर संग्रह को बढ़ाने के लिये सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल समेत व्यावसायिक संग्रह एजेंसी को जोड़ने,ऑनलाइन लेनदेन को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाये गये थे.

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से पिछले पांच साल में स्थानीय निकायों के खुद के राजस्व में सम्पत्ति कर का हिस्सा 19 प्रतिशत से बढ कर 51 प्रतिशत तक पहुंच गया है. झारखंड के जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव अरुण सिंह के मुताबिक, “41 स्थानीय नगर निकायों का सम्पत्ति कर संग्रह 2013-14 में 10.35 करोड़ रुपये से बढ़कर 2017-18 में 105.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.”

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