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फकीर दिल इंसान थे प्रोफेसर अब्दुल बारी, वैसा व्यक्तित्व कभी नहीं मरता : हसन इमाम

एबीएम कॉलेज में प्रोफेसर अब्दुल बारी की 130वीं जयंती मनायी गयी,

Jamshedpur :  गोलमुरी स्थित एबीएम कॉलेज में प्रोफेसर अब्दुल बारी की 130 वीं जयंती शुक्रवार को मनायी गयी. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं प्रोफेसर अब्दुल बारी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गयी. मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में टाटा स्टील खेल विभाग के सीनियर स्पोर्ट्स एडमिनिस्ट्रेटर डॉ हसन इमाम मल्लिक ने अब्दुल बारी के व्यक्तित्व एवं पारिवारिक परिवेश को बताते हुए कहा कि वे फकीर दिल इंसान थे. उनके जैसा व्यक्तित्व कभी नहीं मरता. अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ मुदिता चंद्रा ने कहा कि प्रोफेसर अब्दुल बारी प्रखर स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षाविद एवं महान समाज सुधारक थे.

कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन करते हुए एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी सह कोल्हान यूनिवर्सिटी ब्रांच कोर्डिनेटर डॉ आरके चौधरी ने कहा कि प्रो बारी टाटा वर्कर्स यूनियन के 1936 से 1946 तक  अध्यक्ष थे.उनके नाम पर इस महाविद्यालय की स्थापना 1971 ई. में हुई थी. साथ ही उन्होंने इस महाविद्यालय में प्रोफ़ेसर अब्दुल बारी की प्रतिमा स्थापित करने का भी प्रस्ताव दिया. कार्यक्रम में अब्दुल बारी के नाम पर महाविद्यालय के  संस्थापकों में पीसी मोहंती, मुरली साहू, बी एन चौधरी, सय्यद नईन सैफी, सैयद मोहम्मद सालिक, प्रो. केपी शर्मा, प्रो. निर्मल कुमार, केएन मिश्रा, संस्थापक सचिव अधिवक्ता मनोरंजन दास, संस्थापक प्राचार्य प्रोफेसर आरके मिश्रा के योगदान को भी याद किया गया. इस मौके पर प्रसिद्ध गजलकार सफिउल्लाह ने प्रो बारी के सम्मान में राष्ट्रीय भावना से ओतप्रोत गजल प्रस्तुत की. कार्यक्रम में मधुलिका कुमारी एवं मो. सफीउल्लाह को मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया.अंत में राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष सह टाकु के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र भारती ने धन्यवाद ज्ञापन किया. मौके पर  मेजर डॉ बीबी भुइंया, प्रो बी पी महारथा, प्रो डी द्विवेदी, डॉ अवध बिहारी पुरान, सविता पाल, लक्ष्मी कुमारी, डॉ अमर कुमार, पल्लवी श्री, प्रकाश कौर, डॉ पीके भुइंया के अलावे शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी एवं एनएसएस के स्वयंसेवक मुख्य रूप से उपस्थित थे.

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