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पेटेंट कानून में ढील देकर बढ़ाया जाए वैक्सीन और दवाओं का उत्पादन, स्वदेशी जागरण मंच ने रखी मांग

Ranchi :  स्वदेशी जागरण मंच की तरफ से रविवार को विश्व जागृति दिवस के रूप में पेटेंट फ्री वैक्सीन संकल्प कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसमें मंच व अन्य संस्थाओं से जुड़े सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने विभिन्न स्थानों पर कोविड वैक्सीन को सर्व सुलभ बनाने के लिए वैक्सीन को पेटेंट मुक्त करने की मांग की. राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंदु पराशर ने कहा कि समूची दुनिया कोरोना संकट से पिछले एक साल से परेशान है. अब तक दुनियाभर में लगभग 37 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. भारत में भी 3.4 लाख से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. इजरायल, यूएस, यूके, नार्वे आदि देशों ने अपनी अधिकांश आबादी का टीकाकरण करके संक्रमण और कोरोना से होने वाली मौतों पर नियंत्रण पाने में सफलता हासिल की है. ऐसे में जरूरी है कि दुनिया में अधिक से अधिक टीका तैयार हो. इसके लिये पेटेंट कानूनों में ढील दिया जाना समय की मांग है.

 

अभी केवल 200 करोड़ डोज का ही उत्पादन

 

इंदू पराशर के मुताबिक दुनिया को करीब 14 अरब वैक्सीन डोज की जरूरत है. पिछले लगभग 6 महीनों में सभी आठ फार्मा कंपनियों द्वारा कोविड टीकों के लिये केवल 200 करोड़ डोज ही हर दिन बनाई जा रही है. वर्तमान दर पर दुनिया की योग्य आबादी को टीका लगने में दो-तीन साल और लग सकते हैं. पहले से ही टीका लगाए गए लोगों को पुनः नए कोरोना वेरिएंट से संक्रमित होने से बचाने के लिए 10-12 महीनों के समय में सभी देशों की योग्य आबादी का टीकाकरण करना जरूरी है.

कोविड टीकों के बड़े पैमाने पर उत्पादन में अभी रुकावट है. फार्मा कंपनियां टीकों के निर्माण की अनुमति नहीं दे रहें हैं. कंपनियों को उदारता दिखानी ही होगी. दुनिया की 7. 87 अरब आबादी को कोरोना के चंगुल से बचाने के लिए वैक्सीन और दवाओं का उत्पादन बढ़ाने के लिए पेटेंट कानूनों में ढील देने की जरूरत है. दुनियाभर में UAVM (यूनिवर्सल एक्सेस टू वैक्सीन एंड मेडिसिन) अभियान सभी के लिए कोविड वैक्सीन उपलब्ध कराने को शुरू किया गया है.

 

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इसमें उच्च शिक्षा संस्थानों और स्वदेशी जागरण मंच जैसे सामाजिक संगठनों के सदस्यों की एक टीम द्वारा दो ऑनलाइन याचिकाओं के माध्यम से दुनियाभर में समर्थन मांगने का भी मिशन शुरू किया गया है. एक याचिका कुलपति या समकक्ष और अन्य प्रख्यात व्यक्तियों के लिए है. दूसरी अन्य लोगों के लिए. पहली याचिका पर देश के 2000 से अधिक प्रतिष्ठित व्यक्तियों ने हस्ताक्षर किए हैं. दूसरी पर भारत और विदेशों से 14 लाख से अधिक व्यक्तियों द्वारा 16 जून तक हस्ताक्षर किए गए हैं. याचिकाओं के माध्यम से अपील की गई है कि विश्व व्यापार संगठन पेटेंट फ्री वैक्सीन के लिए ट्रिप्स के प्रावधानों में छूट दे.

 

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