JharkhandMain SliderRanchi

पूर्व डीजीपी डीके पांडेय की पत्नी समेत 29 लोगों की जमीन की जमाबंदी रद्द करने की प्रक्रिया शुरू

विज्ञापन

Pravin Kumar

Ranchi : पूर्व डीजीपी डीके पांडेय की मुश्किलें बढ़नेवाली हैं. जिस गैर मजरुआ जमीन पर उनका आलीशान आशियाना बना है उस जमीन की जमाबंदी रद्द होनेवाली है. रांची जिला के कांके अंचल में डीजीपी डीके पांडेय ने पत्नी के नाम पर जमीन ली थी. सरकारी रिकॉर्ड में यह जमीन लैंड बैंक के रूप में भी दर्ज है और जमीन का नेचर गैरमजरुवा है.

advt

अपर समाहर्ता कोर्ट ने जमाबंदी रद्द करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है. चामा मौजा के खाता 87 में पूनम पांडेय सहित 29 लोगों ने गलत तरीके से जमीन ली थी. जमाबंदी रद्द करने की प्रक्रिया के तहत अंचल अधिकारी और डीसीएलआर ने सुनवाई पूरी कर अपर समाहर्ता के पास भेजा दिया है. जहां 15 दिनों में गलत तरीके से सरकारी भूमि लेने के मामले में जमाबंदी रद्द किया जाना है.

इसे भी पढ़ें – प्रवासी मजदूरों से वसूला रेल किराया और इटली से फ्री में कराया गया 481 लोगों को एयरलिफ्ट, कोरोना निगेटिव होने की पुष्टि भी नहीं

भू-राजस्व विभाग ने कार्रवाई के लिए जिला को भेजा रिमाइंडर

सरकारी भूमि की गलत तरीके से जमांबदी करके रैयती बनाने का मामला कांके अंचल के चामा मौजा में किया गया था. विभाग की ओर से कांके अंचल के हल्का-03 ,मौजा चामा, खाता संख्या 87 और प्लॉट संख्या 1232 में पूर्व डीजीपी डीके पांडेय की पत्नी पूनम पांडेय सहित 29 लोगों ने अपने नाम पर सरकारी भूमि का म्यूटेशन कराया था. इस पूरे मामले में भू-राजस्व विभाग ने भी जमाबंदी निरस्त करने और दोषी सरकारी कर्मचारियों के विरुद्ध प्रपत्र- क गठित कर कार्रवाई करने को कहा है. विभाग की ओर से 30 जून को दूसरा बार रिमांइडर भी भेजा गया है.

adv

बीएलआर एक्ट के तहत की जा रही कार्रवाई

गलत तरीके से सरकारी भूमि की खरीद-फरोख्त के मामले में जमाबंदी रद्द करने के लिए बीएलआर (Bihar Land Reforms Act-1950) एक्ट के नियम फोर-एच के तहत प्रशासन कार्रवाई कर रहा है. कांके के चामा मौजा की सरकारी जमीन की खरीद बिक्री और म्यूटेशन कराने के मामले में 29 लोगों की जमाबंदी को निरस्त करने के लिए सुनवाई पूरी कर ली गयी थी. अंचल एवं डीसीएलआर ने मामले पर सुनवाई पूरी कर अभिलेख और रिपोर्ट अपर समाहर्ता को सौंप दी है. अब अपर समाहर्ता कोर्ट में जमांबादी रद्द करने के मामले पर सुनवाई की जानी है. प्राप्त सूचना के अनुसार कोविड-19 के कारण मामले की सुनवाई में कुछ बिलंब हुआ है. अपर समाहर्ता कोर्ट में इस मामले में 15 दिनों के भीतर सुनवाई पूरी कर जमाबंदी रद्द करने के लिए सक्षम पदाधिकारी के समक्ष भेजा जाना है.

क्या कहते हैं अपर समाहर्ता सत्येंद्र कुमार

चामा मौजा की सरकारी जमीन की जमाबंदी रद्द करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है. अपर समाहर्ता कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही है. 15 दिनों के अंदर जमाबंदी रद्द करने के मामले की सुनवाई पूरी कर ली जायेगी.

चामा मौज की सरकारी भूमि के खाता नं. 87 में अवैध जमाबंदी किसके-किसके नाम पर

नाम पति/पिता रकबा कब की गयी जमाबंदी    
पूनम पांडेय डीके पांडेय 50.9 डि. नामान्तरण मुकदमा संख्या 5238/2018 – 2019    
अनुपमा कुमारी श्याम सिंह 8 डि. नामान्तरण मुकदमा संख्या 4987/2018 – 2019    
भावना मिश्रा संजय कुमार मिश्रा 10 डि. नामान्तरण मुकदमा संख्या 5274/2018 – 2019    
अमोद कुमार राम नारायण शर्मा 80.67 डि. 1073 R27    
सुभाष सिंह शशि शेखर 10.98 डि. नामान्तरण मुकदमा संख्या 5232/2018 – 2019    
मुजुला प्रभा डीके सिंह 8. डि. नामान्तरण मुकदमा संख्या 5235/2018-2019    
सुभाष सिंह किशोर चन्द्रा 10 डि. नामान्तरण मुकदमा संख्या 5239/2018- 2019    
शंकर प्रसाद कमलेश्वर प्रसाद 8.2 डि. नामान्तरण मुकदमा संख्या 5240/2018 -2019    
अंजन नारायन सुधाकर नारायन 8 डि. नामान्तरण मुकदमा संख्या 5262/2018 -2019    
मधवी सिंह शंकर सिंह 8 डि. नामान्तरण मुकदमा संख्या 5242/2018-2019    
बिजेन्द्र सिंह चंदेश्वर सिंह 14.2 डि. नामान्तरण मुकदमा संख्या 5243/2018-2019    
तालकेश्वर राम जगलाल राम 10 डि. नामान्तरण मुकदमा संख्या 5246ध्2018-2019    
उमावती देवी दयाल राम 10 डि. नामान्तरण मुकदमा संख्या 5249/2018-2019    
उमावती देवी दयाल राम 10 डि. नामान्तरण मुकदमा संख्या 5250/2018-2019    
गयत्री देवी टी सिंह 7 डि. नामान्तरण मुकदमा संख्या 5252/2018-2019    
रेखा सिंह ब्रजेश सिंह 8 डि. नामान्तरण मुकदमा संख्या 5257/2018-2019    
आशा देवी अनिल कुमार सिंह 7 डि. नामान्तरण मुकदमा संख्या 5262/2018- 2019    

इसे भी पढ़ें – News Wing Impact : रांची के खादगढ़ा सब्जी मार्केट में बनी 39 दुकानों का आवंटन हुआ रद्द

न्यूज विंग ने किया था मामले का खुलासा

29 मई 2019 को न्यूज विंग की पड़ताल में इस बात का खुलासा हुआ था कि कांके के चामा मौजा स्थित खाता नं. 87 की जमीन गैर मजरुवा है. इसी सरकारी भूमि में से 50.9 डिसमिल जमीन तत्कालीन डीजीपी डीके पांडेय ने पत्नी के नाम पर लिया था. अपने प्रभाव और अधिकारियों के सहयोग गैरमजरुवा जमीन का म्यूटेशन भी करा लिया था. जमीन की रजिस्ट्री और म्यूटेशन डीके पांडेय के झारखंड के डीजीपी के पद पर रहते हुए 2018-19 में कराया गया था.

इसे भी पढ़ें – गिरिडीह में मिले 7 नये कोरोना संक्रमितों में 3 जेल में बंद, कैदियों के बीच संक्रमण का खतरा

advt
Advertisement

Related Articles

Back to top button
Close