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मोमेंटम झारखंड का हवाला देकर प्राइवेट यूनिवर्सिटी नहीं बना रही अपना कैंपस

शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में चल रही प्राइवेट यूनिवर्सिटी, सरकार बनी मूक दर्शक

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Satya Prakash Prasad

Ranchi: झारखंड में प्राइवेट यूनिवर्सिटी इन दिनों किराये के मकान अपनी शिक्षा की दुकान चला रहे हैं. राज्य में प्राइवेट यूनिवर्सिटी के लिए झारखंड सरकार की ओर से 2008 में निजी विश्वविद्यालय एक्ट बनाया गया, इसी तर्ज पर झारखंड में प्राइवेट यूनिवर्सिटी स्थापित करने को हरी झंडी मिली. वर्तमान में झारखंड में कुल 11 प्राइवेट यूनिवर्सिटी हैं, लेकिन इनमें से ज्यात्तर के पास अपनी जमीन नहीं हैं. और किराये के मकान में ये यूनिवर्सिटी अपना बसेरा बनाकर काम रही हैं.

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झारखंड प्राइवेट यूनिवर्सिटी गाइडलाइन के अनुसार, निजी विश्वविद्यालय को स्थापना के दो से तीन साल बाद राज्य में अपना कैंपस स्थापति करना है. लेकिन इन प्राइवेट यूनिवर्सिटी में ज्यादात्तर यूनिवर्सिटी ने अभी तक इसी दिशा में कोई पहल नहीं की है. कैंपस की स्थापना को लेकर इन प्राइवेट यूनिवर्सिटी का कहना है कि झारखंड सरकार के साथ मोमेंटम झारखंड के दौरान हमने एमओयू किया है, जब सरकार हमें जमीन देगी उसके 10 महीनों के बाद हम कैंपस स्थापित कर देंगे.

मोमेंटम झारखंड के तहत 16 प्राइवेट यूनिवर्सिटी ने किया था MoU

मोमेंटम झारखंड के तहत राज्य के 16 निजी विश्वविद्यालय ने सरकार के साथ एमओयू किया था. जिसमें राज्य में प्राइवेट यूनिवर्सिटी की स्थापना के बाद राज्य को लोगों को रोजगार देने के साथ कम-से-कम 400 करोड़ का निवेश करने की बात कही गई. इसी तर्ज पर इन यूनिवर्सिटी को स्थापति करने में सरकार की ओर से हर संभव मदद करने का वादा किया गया था. साथ ही उन्हें जमीन आवंटन प्रक्रिया में भी मदद करने की बात कही गयी थी. अब इसी एमओयू का हवाला देकर ये यूनिवर्सिटी अब तक राज्य में कैंपस स्थापित नहीं कर रही हैं.

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मोमेंटम झारखंड की आड़ में यूनिवर्सिटी एक्ट का उल्लंघन

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मोमेंटम झारखंड की आड़ में झारखंड मॉडल यूनिवर्सिटी एक्ट गाइडलाइन का घोर उल्लंघन कर रही हैं. सबसे कमाल की बात यह कि झारखंड में पहली बार प्राइवेट यूनिवर्सिटी के रूप में स्थापित इक्फाई यूनिवर्सिटी स्थापना के 10 वर्षो के बाद भी अबतक अपना स्थायी कैंपस नहीं बना सकी है. झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा प्रसार विभाग इन यूनिवर्सिटी पर अबतक कोई नकेल नहीं लगा सकी है. कार्रवाई के नाम पर इस तरह की यूनिवर्सिटी को हर साल छह माह का नोटिस देकर छोड़ दिया जाता है. विभाग के सचिव बदलते ही फिर से इन यूनिवर्सिटी को नया नोटिस एवं आदेश जारी कर दिया जाता है. लेकिन ठोस कार्रवाई के नाम पर विभाग के अधिकारी मूक दर्शक की भूमिका अदा करते नजर आते हैं.

सरकार दे जमीन तो दस महीने में बना देंगे कैंपस- अमेटी यूनिवर्सिटी

झारखंड में अमेटी यूनिवर्सिटी को स्थापित हुए लगभग तीन साल होने जा रहे हैं. स्थायी कैंपस के बारे में यूनिवर्सिटी के निदेशक अजीत पांडेय ने कहा कि हमने सरकार के साथ मोमेंटम झारखंड में एमओयू किया है. जब सरकार हमें जमीन प्रदान कर देगी तो उसके दस महीने बाद यूनिवर्सिटी कैंपस स्थापित कर देगी. कैंपस स्थापित करने के सवाल पर ज्यादात्तर प्राइवेट यूनिवर्सिटी का यही जवाब रहता है. फिलहाल अमेटी यूनिवर्सिटी शहर के मेन रोड में एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में चल रहा है. जैसे-जैस छात्रों की संख्या इस यूनिवर्सिटी में बढ़ती है वैसे-वैसे यूनिवर्सिटी द्वारा किराये का मकान की व्यवस्था की जाती है.

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राज्य में प्राइवेट यूनिवर्सिटी की स्थिति

नाम                                                स्थापना का वर्ष                           कैंपस की स्थिति
इक्फाई यूनिवर्सिटी                              17.06.2008                          जमीन नहीं मिली
साईनाथ यूनिवर्सिटी                              27.04.2012                          बनकर तैयार
राय यूनिवर्सिटी                                    02.02.2012                          जमीन पर निमार्ण जारी
उषामार्टिन यूनिवर्सिटी                          16.07.2013                           जमीन नहीं
आइसेट यूनिवर्सिटी                              13.05.2016                          जमीन नहीं
प्रज्ञा यूनिवर्सिटी                                    16.05.2016                          जमीन नहीं
अमेटी यूनिवर्सिटी                                  24.05.2015                         जमीन नहीं
अर्काजैन यूनिवर्सिटी                               04.07.2017                         जमीन नहीं
वाइबीएन यूनिवर्सिटी                              04.07.2017                          कैंपस स्थापित
सरला-विरला यूनिवर्सिटी                         04.07.2017                           कैंपस स्थापति
नेताजी यूनिवर्सिटी                                 19.09.2018                            जमीन नहीं
कैंपिटल यूनिवर्सिटी                               19.09.2018                             जमीन नहीं
राधागोविंद यूनिवर्सिटी                            19.09.2018                            कैंपस स्थापित

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