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आरटीआई के दायरे में निजी स्कूलः तमिलनाडु सूचना आयुक्त

'स्कूल में बढ़ती हिंसक घटनाएं बड़ा मसला, पारदर्शिता जरुरी'

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Vellore: स्कूल में बढ़ते अपराध के बाद हर माता-पिता को अपने बच्चे की सुरक्षा की चिंता है. स्कूल में सुरक्षा के क्या इंतजाम है, बच्चों की देखरेख की क्या व्यवस्था है, ये सभी बातें अभिभावकों को जानने का हक है. वही स्कूल जानकारी मुहैया कराने में अक्सर आनाकानी करते हैं. वही इस तरह के मामलों पर तमिलनाडु के सूचना आयुक्त ने एक बड़ा फैसला सुनाया है. तमिलनाडु सूचना आयोग ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि वो सभी निजी स्कूल जो सरकार से अनुदान, धन और लाभ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से ले रहे है, वो सभी सूचना के अधिकार अधिनियम के दायरे में आते हैं.मामले पर सुनवाई करते हुआ सूचना आयुक्त एस मुथुराज ने कहा कि बाल हिंसा एक बड़ा मसला है, इसलिए पारदर्शिता जरुरी है.

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वेल्लोर जिले के एक निजी स्कूल की सुरक्षा पहलुओं से संबंधित जानकारी मांगने वाली याचिका पर आदेश पास करते हुए आयोग ने कहा कि स्कूल प्रबंधन, प्रिंसिपल, शिक्षण/गैर-शिक्षण संकाय और अन्य सदस्यों के खिलाफ लंबित आपराधिक मामलों का विवरण उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित की जानी चाहिए.

साथ ही स्कूल शिक्षा निदेशक को यह सुनिश्चित करने के लिए गया था कि सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को इस आदेश की जानकारी हो. अपने आदेश में राज्य सूचना आयुक्त एस मुथुराज ने ये भी कहा कि, राज्य अपराध रिकॉर्ड्स ब्यूरो के निदेशक, मुख्य शिक्षा अधिकारी को जिला अपराध ब्यूरो के जरिए जरुरी सूचनाएं उपलब्ध कराएं.

गौरतलब है कि वेल्लोर के जे मोहम्मद अली सिद्दिकी ने मुख्य शिक्षा अधिकारी के पास आवेदन देकर इस बात की जानकारी मांगी थी कि संत जोसेफ स्कूल में छात्रों की सुरक्षा को लेकर इस तरह के इंतजाम हैं, और स्कूल प्रबंधन के द्वारा कौन-कौन से कदम उठाये गये हैं. वही आवेदन का जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने सूचना आयोग में इसके लिए आवेदन दिया था. वही मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि ये राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करें.

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क्या कहा आयोग ने

मामले पर आदेश जारी करते हुए ट्रस्ट एक्ट के तहत पंजीकृत वैसे सभी स्कूल जो बिजली और पानी पर सब्सिडी के अलावा संपत्तियों के पंजीकरण के समय आयकर राहत के अलावा विभिन्न वित्तीय सहायता पाने वाले स्कूल. सभी सरकारी स्कूल, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल, राज्य सरकार या केंद्र सरकार और अंतर्राष्ट्रीय स्कूलों द्वारा मान्यता प्राप्त निजी स्कूल, स्कूलों को मान्यता देने के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा शासित और निगरानी में आने वाले स्कूल. “सभी स्कूल जो उपर्युक्त अनुदान, वित्त और लाभ सीधे या परोक्ष रूप से प्राप्त करते हैं, वो सूचना अधिकार अधिनियम की धारा 2 (एच) के अनुसार पब्लिक ऑथोरिटी में आते हैं. और ये आरटीआई के दायरे में आते हैं.

इसके अलावे तमिलनाडु सूचना आयोग ने राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों को ये भी निर्देश दिया है कि वो अपनी वेबसाइट पर स्कूल में छात्रों के विकास और सुरक्षा के इंतजाम की जानकारी दे. इसके अलावे साइट पर मैनेजमेंट, एडवायजरी कमेटी, चेयरमैन, ट्रस्टी, शिक्षक/गैर शैक्षणिक स्टाफ इनसभी से जुड़े लोगों के खिलाफ अगर कोई क्रिमिनल केस पेंडिंग हो तो उसकी भी जानकारी मुहैया कराये जाये.

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