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रांची : निजी स्कूलों ने RTE के तहत एडमिशन में बरती कोताही, 938 सीट में 150 का आंकड़ा भी पार नहीं

फैक्ट फाइल

-1682 बच्चों ने दिए थे एडमिशन के लिए आवेदन

-938 सीट हैं आरटीई के तहत

-150 से भी कम बच्चों का हुआ है एडमिशन

Sanjeevani

-66 स्कूलों में  मात्र 15 स्कूलों ने किया है एडमिशन

– पिछले साल तक के लिए एक करोड़ 37 लाख का हुआ है भुगतान

Ranchi :  जिला प्रशासन की तमाम सख्ती के बाद भी शहर के निजी स्कूल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीइ) 2009 के तहत गरीब बच्चों के एडमिशन के प्रति रुचि नहीं ले रहे हैं. आलम यह है कि नया शैक्षणिक सत्र प्रारंभ हो चुके हैं, पर अब तक जितना एडमिशन होना चाहिए उतना नहीं हो पाया है. शहर के बड़े स्कूलों में शामिल डीपीएस व जेवीएम ने तो तय किये गये कुल सीटों में से आधे से कम एडमिशन लिया है.

डीपीएस में 37 सीट आरटीइ के तहत तय है, जिसमें से मात्र 10 सीट पर ही नामांकन हुआ है. जेवीएम में 60 सीट तय है, जिसमें मात्र 18 सीटों पर ही एडमिशन लिया गया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, 66 स्कूलों में से 15 स्कूलों ने ही एडमिशन लिया है. शहर के 66 स्कूलों में कुल 938 सीट आरटीई के तहत तय है, जिसमें अब तक एडमिशन का आंकड़ा 150 से भी कम है.

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सात साल में 50 फीसदी भी आंकड़ा नहीं किया पार

आरटीई के तहत एडमिशन के आंकड़ों पर गौर करें तो 2012 से 2019 तक निजी स्कूलों में यह आंकड़ा 50 फीसदी को पार नहीं किया है. केवल 2017-18 में आरटीई के तहत एडमिशन की स्थिति अन्य वर्षों की तुलना में थोड़ी सुधार जरूर थी. इसके बाद भी शिक्षा विभाग की ओर से रांची जिले में आरटीई के तहत निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ने के लिए एक करोड़ 37 लाख 68 हजार 419 रुपए का भुगतान किया गया है.

66 स्कूलों में आये 1682 आवेदन

आरटीई के तहत एडमिशन की प्रक्रिया ऑनलाइन की गयी है. आवेदन भी ऑनलाइन ही करना है. इसके तहत इस बार रांची के 66 स्कूलों के लिए 1682 आवेदन आये थे. इनमें 938 सीटों पर स्कूलों को एडमिशन करना था, लेकिन जून माह के अंत तक एडमिशन का आंकड़ा 150 को भी पार नहीं किया है.

डीपीएस व जेवीएम श्यामली का आंकड़ा सबसे खराब

एडमिशन लेने के मामले में सबसे खराब स्थिति जेवीएम श्यामली और डीपीएस स्कूल की है. डीपीएस में आरटीई के तहत प्राइमरी स्तर पर 37 सीटें हैं. 139 बच्चों ने यहां एडमिशन के लिए आवेदन दिया, लेकिन यहां मात्र 10 बच्चों का एडमिशन हुआ है. इसी तरह जेवीएम श्यामली में 60 सीटों पर मात्र 18 बच्चों का एडमिशन हुआ है, जबकि यहां 115 आवेदन आये थे. केरली स्कूल में एडमिशन के लिए 148 आवेदन आये थे, पर एडमिशन का ब्योरा जिला शिक्षा कार्यालय में नहीं है.

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क्या है आरटीई

शिक्षा का अधिकार अधिनियम केंद्र सरकार की ओर से 2009 में पारित किया गया था. इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए निजी स्कूलों में प्राथमिक कक्षा स्तर पर 25 फीसदी सीट आरक्षित किए गए थे. स्कूलों को हर हाल में इन आरक्षित सीटों पर बच्चों का एडमिशन लेना है. इन बच्चों की पढ़ाई पर होने वाले खर्च का भुगतान सरकार की ओर से किया जाता है.

स्कूल का नाम          नामांकन        कुलसीट

 

दिल्ली पब्लिक स्कूल 10 37
जेवीएम श्यामली 18 60
विवेकानंद विद्या मंदिर 10 08
टेंडर हार्ड 17 20
डीएवी सेक्टर-3 08 10
डीएवी हेहल 10 40
डीएवी कपिलदेव10 30
ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल 09 08
लाल लाजपत राय 06 10
गुरुनानक पब्लिक स्कूल 12 12
संत माइकल 06 10
कैंब्रियन कांटीटांड़ 03 10
शारदा ग्लोबल 03 10
निर्मला कॉन्वेंट 25 20

 

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