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दाखिले में आधार कार्ड को अनिवार्य कर निजी स्कूल और रघुवर सरकार ने किया सुप्रीम कोर्ट के आदेश को मानने से इनकार : AAP

एक सप्ताह के अंदर स्कूलों में आधार कार्ड की अनिवार्यता खत्म नहीं हुई, तो सरकार और निजी स्कूलों के खिलाफ आम आदमी पार्टी जायेगी हाई कोर्ट

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Ranchi : निजी विद्यालयों द्वारा दाखिले की प्रक्रिया में छोटे बच्चों के आधार कार्ड की अनिवार्यता के खिलाफ आम आदमी पार्टी, झारखंड द्वारा रविवार को प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया. प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश सचिव राजन कुमार सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद रांची समेत झारखंड के कई स्कूल जैसे दिल्ली पब्लिक स्कूल- सेल सैटेलाइट कॉलोनी,  सरला बिरला स्कूल- टाटीसिल्वे, बिशप वेस्टकॉट स्कूल, नामकुम आदि ने दाखिले के लिए बच्चों के आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है.

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यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश की खुली अवहेलना है

राजन कुमार सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार [केस नं. डब्ल्यूपी (नागरिक) 2012 के 494 एवं अन्य] कोई भी निजी संस्था आधार कार्ड नहीं मांग सकती. खासकर स्कूलों के लिए इस केस के जजमेंट के पेज नंबर 556, अनुच्छेद (c) में लिखा है, “जहां तक बच्चों का स्कूल में दाखिले का संबंध है, आधार कार्ड की  अनिवार्यता नहीं होगी, क्योंकि न तो यह सरकारी सेवा का मामला है और न ही सब्सिडी का.” इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधमंडल द्वारा 22-10-2018 को मानव संसाधन विभाग के प्रधान सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह से शिकायत भी की गयी थी. उनके द्वारा कार्यवाई के आश्वासन के बावजूद डीपीएस, सरला बिरला, बिशप वेस्टकॉट जैसे अनेक स्कूलों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को सिरे से नकारते हुए आधार कार्ड की अनिवार्यता जारी रखी. रांची के जिला शिक्षा अधीक्षक विजय सिंह से भी शिकायत की गयी थी, पर उनका कहना है कि झारखंड सरकार की ओर से आदेश है कि स्कूलों में आधार कार्ड अनिवार्य करना है. पार्टी के प्रदेश सचिव ने कहा कि यह साफ दर्शाता है कि रघुवर सरकार खुलेआम सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना कर रही है. साथ ही, वह निजी विद्यालयों को भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अहवेलना करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है. उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य है कि निजी विद्यालयों की मनमानी रोकने की बजाय रघुवर सरकार उनको गैरकानूनी कार्य के लिए बढ़ावा दे रही है. वैसे भी रघुवर सरकार का यह इसिहास रहा है कि निजी स्कूलों द्वारा नाजायज फीस बढ़ाने और अभिभावकों को तंग करने के मामले में आम अभिभावकों के खिलाफ दास निजी स्कूलों के साथ खड़े रहते हैं.

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रघुवर दास सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे या नहीं, स्पष्ट करें

आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव ने कहा कि आज पूरे देश में भाजपा की संवैधानिक संस्थाओं को अपमानित करने और उनके आदेशों को ठेंगा दिखाने की प्रवृत्ति से ही यह प्रकरण भी प्रेरित है. सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की राज्य में अवहेलना करके निजी स्कूल और रघुवर सरकार यह संदेश देना चाहते हैं कि वे सुप्रीम कोर्ट से ऊपर हैं. रघुवर दास यह स्पष्ट करें कि वह संविधान में विश्वास करते हैं या नहीं, सुप्रीम कोर्ट को मानते हैं या नहीं, वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे या नहीं?

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आम आदमी पार्टी ने स्कूलों को पत्र भेजकर अपील भी की है

आम आदमी पार्टी द्वारा दिल्ली पब्लिक स्कूल,  सरला बिरला, बिशप वेस्टकॉट समेत कई स्कूलों को पत्र के साथ सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट की कॉपी भेजकर यह अपील भी की गयी है कि बच्चों के दाखिले की प्रक्रिया में आधार कार्ड की अनिवार्यता अविलंब खत्म की जाये. यदि रघुवर सरकार और निजी विद्यालयों ने दाखिले में आधार कार्ड की अनिवार्यता एक सप्ताह में खत्म नहीं की,  तो रघुवर सरकार और निजी विद्यालयों के खिलाफ आम आदमी पार्टी झारखंड हाई कोर्ट में केस करेगी. प्रेसवार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण मुंडा और पवन पांडेय भी मौजूद थे.

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