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सरकारी अस्पताल रिम्स में निजी पैथोलॉजी ‘जे.शरण’ का चल रहा जांच केंद्र

मुफ्त में होने वाले जांच के बदले लिये जा रहे 150 रुपए

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Chandan Choudhary

Ranchi: राज्य के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल रिम्स में इलाज कराने आये मरीजों का कई जांच नि:शुल्क किया जाता है. जबकि कुछ जांच के लिए न्यूनतम शुल्क देने पड़ते हैं. वहीं रिम्स में भर्ती डेंगू के मरीजों की सभी जांच मुफ्त है. लेकिन रुपए कमाने की चाहत में रिम्स के कर्मचारी ही मरीजों को बरगला कर, उन्हें बाहर से जांच कराने की सलाह देते हैं.

कुछ ऐसा ही मामला डेंगू वार्ड में देखा जा रहा है. वार्ड में भर्ती डेंगू के मरीजों को जे. शरण पैथोलॉजिकल से जांच कराने की सलाह दी जाती है. जबकि रिम्स के सेंट्रल लैब और पीपीपी मोड पर चलने वाले मेडॉल में भी इसकी जांच की जाती है. लेकिन यहां से जांच कराने पर रिम्स के नर्सों की कमाई नहीं हो पाती है. इसलिए मरीजों को बाहर से जांच कराने की सलाह दी जाती है.

नर्स ही देती है बाहर से जांच कराने की सलाह

वार्ड में भर्ती डेंगू के मरीजों को कोई और नहीं बल्कि हॉस्पिटल की नर्स ही बाहर से जांच कराने की सलाह दे रही है. डेंगू के मरीज दिवाकर ने बताया कि एक नर्स उनके पास आयी और कहने लगी रिम्स से जांच मत कराओ  यहां ये जल्दी रिपोर्ट नहीं मिलेगा. बाहर से कराने पर दो घंटे में रिपोर्ट आ जायेगा. इतना कहकर उस नर्स ने एक व्यक्ति को फोन किया और सैंपल लेने के लिए बुला लिया. वह व्यक्ति रिम्स के जांच केंद्र नहीं था, बल्कि जे.शरण पैथोलॉजिकल का था. उसने मरीज का ब्लड सैपल लिया. और उस जांच के लिए उसने 150 रुपए भी लिए, बदले में जे.शरण पैथोलॉजिकल का बिल भी दिया.

बदल रही व्यवस्था: सुपरिटेंडेंट

इस संबंध में बताया कि रिम्स के सुपरिटेंडेंट डॉ. विवेक कश्यप ने बताया कि ऐसी समस्या उत्पन्न हो रही है. इससे निबटने के लिए अब व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है. अब सभी वार्ड में मेडॉल दो-दो स्टॉफ को नियुक्त किया जा रहा है. जो ब्लड सैंपल लेने के लिए घुमते रहेंगे. इसलिए अब ऐसी शिकायतों में कमी आयेगी.

क्या है प्लेटलेट्स काउंट टेस्ट

प्लेटलेट्स दरअसल रक्त का थक्का बनाने वाली कोशिकाएं है. यह लगातार नष्ट होकर निर्मित होती रहती है. ये रक्त में बहुत ही छोटी-छोटी कोशिकाएं होती हैं. ये कोशिकाएं रक्त में लगभग 1 लाख से 3 लाख तक पाई जाती हैं. इन प्लेटलेट्स का काम टूटी-फूटी रक्त वाहिकाओं को ठीक करना है. डेंगू बुखार से संक्रमित व्यक्ति की प्लेटलेट्स काउंट की समय-समय पर जांच होनी चाहिए. प्लेटलेट्स की जांच ब्लड टेस्ट के माध्यम से की जाती है. रिम्स में हर दिन कम-से-कम लगभग 20 मरीज भर्ती रहते ही है. यदि रोजाना कम से कम 15 मरीज की भी प्लेटलेट्स जांच बाहर से करायी गयी तो एक दिन का मुनाफा 2250 रुपये होता है. डेंगू के मरीजों को हर दो से तीन दिन में प्लेटलेट्स की जांच की जाती है. इस वजह से जांच करने वालों को भी अच्छा-खास मुनाफा हो जाता है.

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