न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

जेल में आधी सजा काट चुके विचाराधीन कैदियों को मिल सकती है जमानत : जिला जज

केंद्रीय कारा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

124

Giridih : जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में रविवार को केंद्रीय कारागार में जेल अदालत सह विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम रामबाबू गुप्ता, डालसा सचिव मनोरंजन कुमार, न्यायाधीश प्रभारी सह न्यायिक दंडाधिकारी शंभु महतो और कारा अधीक्षक मोहम्मद इसराइल ने संयुक्त रूप से किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला जज प्रथम रामबाबू गुप्ता ने बंदियों को प्ली-बार्गेनिंग एवं उनके कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी.

इसे भी पढ़ेंःखासमहाल जमीन के लीजधारियों पर कसता शिकंजा, 8633 ने नहीं कराया रिन्यूअल- सरकार वापस लेगी जमीन

कैदियों को मिली कानूनी अधिकार की जानकारी

जिला जज प्रथम रामबाबू गुप्ता ने बंदियों से कहा कि प्ली- बार्गेनिंग का अर्थ विधिक मोल-भाव है. इससे एक पक्ष- दूसरे पक्ष अपने वाद में हुए नुकसान की भरपाई हेतु मोल- भाव करके अपने मुकदमे को समाप्त कर सकते हैं. उन्होंने बंदियों को जानकारी दी कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 436 ए तहत विचाराधीन बंदी यदि कुल सजा की आधी अवधि तक जेल में काट चुके हैं तो उन्हें जमानत पर छोड़ा जा सकता है. विचाराधीन बंदी यदि इसका लाभ लेना चाहे तो वह न्यायालय में अपने अधिवक्ता के माध्यम से पहल कर सकते हैं. डीएलत्एसए के सचिव मनोरंजन कुमार ने कहा कि प्ली बार्गेनिंग माननीय सर्वोच्च न्यायालय की पहल पर फिर से प्रारंभ किया जा रहा है.

इसमें सात वर्ष से कम सजा के मामलों को बार्गेनिंग के तहत न्यायालय की सहमति द्वारा समाप्त कराए जा सकता है. इसमें सूचक को हुए क्षति की आर्थिक भरपाई की जाती है. यह अच्छा कानून है और इसका लाभ बंदियों को लेना चाहिए. उन्होंने आगामी 2 अक्टूबर को होने वाले जेल अदालत में अधिक मामलों को भेजने की अपील की. न्यायिक दंडाधिकारी सह न्यायिक प्रभारी शंभू महतो ने बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा मिलने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी प्रदान की.

इसे भी पढ़ेंःजरूरत होगी तो करेंगे शिक्षकों की नियुक्ति, पैसा बर्बाद नहीं करेंगे : अशोक चौधरी

 ये थे मौजूद

कार्यक्रम में जेल पैनल अधिवक्ता समसुल होदा, शैलेश कुमार, अंजनी कुमार सिन्हा, पीएलवी अशोक कुमार वर्मा, जेल पीएलवी मोहन सिंह और इंद्रजीत सिन्हा समेत कई जेलकर्मी मौजूद थे.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments are closed.

%d bloggers like this: