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चुनावी नतीजे से पहले शिवराज सरकार ले रही 800 करोड़ का लोन ! कांग्रेस ने उठाये सवाल

क्या ये एक सप्ताह इंतजार नहीं कर सकती सरकार- कांग्रेस

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Bhopal: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव का परिणाम आने में महज सात दिन रह गये है. लेकिन चुनावी नतीजे आने से पहले शिवराज सरकार 800 करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है. इस मामले पर कांग्रेस ने सवाल उठाये हैं. कांग्रेस ने शिवराज सरकार से इतनी बड़ी राशि लोन के रुप में लेने के पीछे का कारण पूछा है. साथ ही पूछा है कि क्या सरकार एक हफ्ते इंतजार नहीं कर सकती.

इधर सरकार के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो अधूरे पड़े कार्यो को पूरा कराने के लिए बाजार से 800 करोड़ रुपए का कर्ज लिया जा रहा है. और ये अगले 10 साल के लिए होगा. ज्ञात हो कि मध्यप्रदेश पर लगभग पौने दो लाख करोड़ रुपये का कर्ज पहले से है, अब और 800 करोड़ रुपये का कर्ज लिया जा रहा है.

कांग्रेस ने उठाये सवाल

शिवराज सरकार द्वारा इतनी बड़ी राशि लोन के रुप में लिए जाने पर कांग्रेस ने ऐतराज जताया है. कांग्रेस के प्रवक्ता दुर्गेश शर्मा ने कहा, ‘यह सरकार जाते-जाते राज्य को और कर्जदार बनाने पर तुली है. जबकि नया जनादेश आने वाला है, तो ऐसे में कर्ज लेने का औचित्य नहीं बनता’. कांग्रेस का कहना है कि यह सरकार जा रही है, इसलिए कर्ज ले रही है. वह तो कर्ज लेकर चली जाएगी, मगर इसका भार प्रदेश की जनता पर पड़ेगा.

जबकि भाजपा का कहना है कि राज्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर यह कर्ज लिया जा रहा है. मध्य प्रदेश सरकार एक तरफ बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक करने वाली है, वहीं दूसरी तरफ 800 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की तैयारी है. पूरे मामले को लेकर कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से शिकायत भी की है, क्योंकि इस समय आचार संहिता लागू है.

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए 28 नवंबर को मतदान हो चुका है. जबकि वोटों की गिनती राजस्थान, मिजोरम, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के साथ 11 दिसंबर को होगी. मध्य प्रदेश में मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है.

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