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प्रधानमंत्री मोदी की अपील, वोकल फॉर लोकल की भावना बनाए रखने का रेजोल्यूशन लें

साल के आखिरी मन की बात कार्यक्रम को पीएम मोदी ने किया संबोधित

New delhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने वर्ष 2020 में अंतिम मन की बात (Mann ki Baat) कार्यक्रम को संबोधित किया. उन्होने कहा कि देश में नया सामर्थ्य पैदा हुआ है. जिसका नाम आत्मनिर्भरता है. पीएम मोदी ने कहा कि हमें वोकल फॉर लोकल की भावना को बनाये रखना है, बचाए रखना है, और बढ़ाते ही रहना है. उन्होंने लोगों से अपील की क आप हर साल न्यू ईयर रेजोल्यूशन लेते हैं, इस बार एक रेजोल्यूशन अपने देश के लिए भी जरुर लेना है.

साहिबजादों को किया याद

पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कहा कि आज के ही दिन श्री गुरु गोविंद सिंह जी के पुत्रों, साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार में जिंदा चुनवा दिया गया था. अत्याचारी चाहते थे कि साहिबजादे अपनी आस्था छोड़ दें, महान गुरु परंपरा की सीख छोड़ दें, लेकिन हमारे साहिबजादों ने इतनी कम उम्र में भी गजब का साहस दिखाया, इच्छाशक्ति दिखाई. दीवार में चुने जाते समय, पत्थर लगते रहे, दीवार ऊँची होती रही, मौत सामने मंडरा रही थी, लेकिन, फिर भी वो टस-से-मस नहीं हुए.

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पीएम ने कहा कि हमारे देश में आतताइयों से, अत्याचारियों से, देश की हजारों साल पुरानी संस्कृति, सभ्यता, हमारे रीति-रिवाज को बचाने के लिए, कितने बड़े बलिदान दिए गए हैं, आज उन्हें याद करने का भी दिन है.

पीएम बोले, मैंने देश में आशा का एक अद्भुत प्रवाह भी देखा है. चुनौतियां खूब आई, संकट भी अनेक आए. कोरोना के कारण दुनिया में सप्लाइ चेन को लेकर अनेक बाधाएं भी आई, लेकिन हमने हर संकट से नए सबक लिए. अधिकतर पत्रों में लोगों ने देश के सामर्थ्य, देशवासियों की सामूहिक शक्ति की भरपूर प्रशंसा की है. जब जनता कर्फ्यू जैसा अभिनव प्रयोग, पूरे विश्व के लिए प्रेरणा बना, जब ताली-थाली बजाकर देश ने हमारे कोरोना वॉरियर्स का सम्मान किया था, एकजुटता दिखाई थी उसे भी कई लोगों ने याद किया है.

कोरोना के कारण, आपूर्ति श्रृंखला दुनिया भर में बाधित हो गई, लेकिन हमने प्रत्येक संकट से नए सबक सीखे. राष्ट्र ने नई क्षमताओं को भी विकसित किया है. इस क्षमता को हम आत्मनिर्भरता कह सकते हैं.

तेंदुओं की संख्या में 60 फीसद की बढ़ोतरी

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में देश के अंदर शेरों की संख्या बढ़ी है. तेंदुओं की संख्या भी 60 फीसदी बढ़ी है.  2014 से 2018 के बीच भारत में तेंदुओं की संख्या 60 फीसदी बढ़ी. 2014 में, देश में तेदुओं की संख्या लगभग 7,900 थी, वहीं 2019 में इनकी संख्या बढ़कर 12,852 हो गयी. भारतीय वनक्षेत्र में भी बढ़ावा हुआ है. देश के अधिकतर राज्यों में, विशेषकर मध्य भारत में, तेंदुओं की संख्या बढ़ी है. तेंदुए की सबसे अधिक आबादी वाले राज्यों में, मध्यप्रदेश, कर्नाटका और महाराष्ट्र सबसे ऊपर हैं. यह एक बड़ी उपलब्धि है.

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