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ओरमांझी से झारखंड में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की हुई शुरुआत

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  • को-ऑपरेटिव कृषि करने पर उपकरण की खरीद पर राज्य सरकार देगी 70 फीसदी की सब्सिडी

Ranchi : मुख्यमंत्री रघुवर दास ने ओरमांझी के अंचल मैदान से रविवार को राज्य भर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की. योजना को देश भर में गोरखपुर से शुरू किया गया. योजना के तहत देश भर के एक लाख किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये की पहली किस्त उपलब्ध करायी गयी. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत झारखंड राज्य के 22 लाख 76 हजार किसानों को लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि कृषि देश और राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. असली भारत और असली झारखंड गांव में बसा है. गांव समृद्ध होगा, तभी राज्य और देश विकसित होगा. गांव को आर्थिक रूप से समृद्ध करना प्रधानमंत्री का सपना है. राज्य सरकार प्रधानमंत्री के सपने को साकार करने की दिशा में अग्रसर है. झारखंड के किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना प्रारंभ की गयी है. इस योजना के तहत एक एकड़ से पांच एकड़ भूमिधारी किसानों के लिए प्रतिवर्ष प्रति एकड़ 5000 रुपये की राशि कृषि कार्य के लिए दी जा रही है. किसानों को न्यूनतम 11 हजार और अधिकतम 31 हजार रुपये का लाभ प्रतिवर्ष मिलेगा. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य के पांच लाख से अधिक किसानों को योजना की पहली किस्त दी गयी.

सिर्फ खेती पर निर्भर न रहें किसान

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार डबल इंजन की सरकार है. नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक इंजन दिल्ली से संचालित है, तो वहीं दूसरे इंजन की चाबी हमारे पास है. किसानों को आत्मनिर्भर बनाकर ही देश को आर्थिक सुपर पावर बनाया जा सकेगा. किसानों को सिर्फ खेती पर ही निर्भर नहीं रहना है. किसानों को बागवानी, पशुपालन, मछली पालन, अंडा उत्पादन से जोड़कर आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने की कोशिश की जा रही है.

सहकारी संस्था बनायें, उन्नत तकनीक से खेती करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि कम लागत से अधिक उत्पादन कैसे हो, इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है. खेतों में माइक्रो स्प्रिंकलर तकनीक को अपनाकर उत्पादन बढ़ाने की आवश्यकता है. इसके लिए किसान सहकारी (को-ऑपरेटिव) कृषि करें. सभी जिलों में सहकारी संस्था बनाकर किसान खेती-बारी का काम करें. उन्होंने कहा कि चीन में एक लाख से अधिक सहकारी संस्थाएं कृषि में लगी हैं. उन्होंने कहा कि किसानों को सहकारी कृषि करने के लिए सरकार उपस्कर खरीद पर 70 प्रतिशत अनुदान देगी. सभी जिलों में किसान डिस्ट्रिक्ट फेडरेशन को-ऑपरेटिव सोसाइटी, मिल्क फेडरेशन सोसाइटी, अंडा फेडरेशन सोसाइटी बनाने की जरूरत है.

झारखंड की महिलाएं मेहनती, कृषि एवं पशुपालन उद्योग को संभाला

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कृषि एवं पशुपालन उद्योग को झारखंड की आदिवासी बहनें ही संभालती हैं. कृषि एवं पशुपालन उद्योग में महिलाओं की भागीदारी का ही प्रतिफल है कि पिछले चार वर्षों में झारखंड ने किसान विकास दर में लगभग 19 फीसदी तक छलांग लगायी है. झारखंड कृषि के मामले में +14 पर आकर खड़ा है. राज्य के किसानों को उन्नत किसान बनाना सरकार की सोच है. इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए गुजरात के बाद झारखंड दूसरा ऐसा राज्य है, जहां ग्लोबल एग्रीकल्चर एंड फूड समिट का आयोजन किया गया था. राज्य से लगभग 124 किसानों को राज्य सरकार द्वारा उन्नत और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी के लिए इजरायल भेजा गया. इजराइल से प्रशिक्षण प्राप्त कर लौटे किसानों द्वारा राज्य में कम पानी में भी अधिक उपज कैसे हो, इस पर काम किया जा रहा है. प्रशिक्षण प्राप्त किसानों द्वारा जैविक खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.

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बाजार सरकार उपलब्ध करायेगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के किसान बाजार की चिंता न करें, बाजार सरकार उपलब्ध करायेगी. अभी खूंटी जिला का कटहल सिंगापुर भेजा जा रहा है. आप जितना भी उत्पादन करेंगे, उसकी मार्केटिंग सरकार करेगी. उन्होंने कहा कि किसान वोट बैंक नहीं हैं.

खाद और बीज लेने में परेशानी नहीं होगी किसानों को : कृषि मंत्री

कृषि मंत्री रणधीर सिंह ने कहा कि किसानों को सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का भी लाभ मिल रहा है. अब किसानों को कृषि के लिए खाद और बीज लेने में कोई परेशानी नहीं होगी. हमारी सरकार प्रतिबद्धता के साथ किसानों के समग्र विकास के लिए कार्य कर रही है. सांसद रामटहल चौधरी ने कहा कि केंद्र एवं राज्य की सभी कल्याणकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत धरातल पर उतारने का कार्य हो रहा है. कृषि सचिव पूजा सिंघल ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए आज की तिथि तक राज्य के 5,20,399 किसानों के व्यक्तिगत आंकड़े को केंद्र ने स्वीकार कर लिया है. मौके पर प्रगतिशील किसानों के अनुभव को साझा किया गया.

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