न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

प्राथमिक शिक्षक संघ ने पारा शिक्षकों पर लाठीचार्ज की निंदा की

पारा शिक्षकों के साथ अमानवीय व्यवहार के लिए प्रशासन और विभाग जिम्मेवार

eidbanner
128

Ranchi: राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर पारा शिक्षकों पर लाठीचार्ज की अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने कड़ी निंदा की है. प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र चौबे, महासचिव राममूर्ति ठाकुर, मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि राज्य स्थापना दिवस के पावन अवसर पर पारा शिक्षकों पर बेरहमी से लाठीचार्ज किया गया, जो निंदनीय है. संघ ने पारा शिक्षकों पर किये गये हमले एवं अमानवीय व्यवहार के लिए प्रशासन एवं विभागीय पदाधिकारियों को जिम्मेवार ठहराया है. संघ की ओर से कहा गया कि विगत कई सालों से पारा शिक्षक अपने नियमितीकरण एवं अन्य मांगों के लिए आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार और विभाग के कान में रूई डला है, जो इन्हें इनकी मांग सुनाई नहीं दे रही. संघ ने चेतावनी दी है कि समय रहते सरकार प्राथमिक शिक्षा के प्रति गंभीर हो, नहीं तो दिसंबर का महीना कठिन साबित हो सकता है.

इसे भी पढ़ें – स्थापना दिवस : रैफ वालों ने मीडियाकर्मियों को टारगेट कर पीटा और कैमरा छीना, SSP ने कहा- ऐसा करना गलत, पत्रकारों ने कहा- कार्रवाई हो

फाइलों में रह जायेंगी योजनाएं

संघ ने कहा कि सरकार सरकारी विद्यालयों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है. विभागीय पदाधिकारी और सरकार अपनी हठधर्मिता छोड़ें और नियमित एवं पारा शिक्षकों के शिक्षा हित में की जा रही मांगों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल सकारात्मक रुख अपनाएं, ताकि प्रदेश में प्राथमिक शिक्षा में छायी अराजकता दूर हो सके. अन्यथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सरकार की भारी भरकम महत्वाकांक्षी योजनाएं फाइलों में ही रह जायेंगी.

इसे भी पढ़ें – गुंडागर्दी पर उतर आयी है रघुवर सरकार: जेवीएम

Related Posts

 अटल वेंडर मार्केट: निगम का आदेश, 15 दिनों के अंदर शिफ्ट नहीं करने पर आवंटन होगा रद्द

फुटपाथ दुकानदारों से कहा गया है कि वे मार्केट परिसर में बनी दुकानों में शिफ्ट करें, इसके लिए जरूरी है कि वे निगम के साथ यथाशीघ्र एकरारनामा करें

लोकतंत्र का दमन किया जा रहा

राज्य में ऐसी स्थिति आ गयी है कि लोकतंत्र का दमन होता दिख रहा है. ऐसी स्थिति में सरकार अधिक दिनों तक शासन नहीं कर सकती. संघ ने कहा कि विगत दिनों शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु सरकार के मुख्य सचिव की अगुवाई में वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों के साथ वार्ता हुई थी, जिसमें सरकार द्वारा एक माह का समय मांगा गया था. अब दो माह बीतने के बाद भी पदाधिकारी सोये हैं. जिससे राज्य के शिक्षक निराश एवं आक्रोशित हैं.

इसे भी पढ़ें – कैंप जेल में चलता रहा रसोइयाकर्मियों का हंगामा, लगते रहे नारे

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

hosp22
You might also like
%d bloggers like this: