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पेट्रोल-डीजल के बढ़ती कीमतें चिंता का सबब, तेल कंपनियों के चीफ एग्‍जीक्‍यूटिव से मोदी करेंगे बात

केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल के मूल्यों में 2.50 रुपये प्रति लीटर की कमी किये जाने के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. इससे मोदी सरकार चिंतित बतायी जा रही है.

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NewDelhi : केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल के मूल्यों में 2.50 रुपये प्रति लीटर की कमी किये जाने के बावजूद पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं. इससे मोदी सरकार चिंतित बतायी जा रही है. खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को सभी तेल कंपनियों के चीफ एग्‍जीक्‍यूटिव से मुलाकात कर इसका हल निकालने की कोशिश करेंगे. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी बड़ी विदेशी और देशी तेल कंपनियों के चीफ एग्‍जीक्‍यूटिव से मिलने वाले हैं. बता दें कि अमेरिका द्वारा ईरान से तेल आयात पर प्रतिबंध चार नवंबर से लागू होगा. उधर वैश्विक स्‍तर पर तेल की कीमतों में अस्थिरता बरकरार है. यह मोदी सरकार की चिंता का सबब है. अंतरराष्‍ट्रीय बाजार में भी कच्‍चे तेल की कीमत में लगातार इजाफा हो रहा है.  इस कारण कीमतों पर काबू पाना मुश्किल हो रहा है. ब्रिटिश ब्रेंट क्रूड की कीमतें 85 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गयी है.
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पेट्रोल-डीजल के दाम पुराने स्‍तर तक पहुंच चुके हैं

ऐसे में जानकार इस मुलाकात को काफी अहम बता रहे हैं. जान लें कि सरकार द्वारा तेल की कीमतों में कमी करने के बाद भी लगातार प्रतिदिन  दाम बढ़ रहे हैं. यानी पेट्रोल-डीजल के दाम पुराने स्‍तर तक पहुंच चुके हैं. पेट्रोल की कीमत रविवार को देश के दिल्‍ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्‍नई में क्रमश: 82.72, 88.18, 84.54 और 85.99 रुपये प्रति लीटर रहे. डीजल की कीमत भी कम नहीं हो रही है. रविवार को डीजल दिल्‍ली में 75.38 प्रति लीटर, मुंबई में 79.02, कोलकाता में 77.23 और चेन्‍नई में 79.71 रुपये प्रति लीटर रहा. बता दें कि राज्‍यों में टैक्‍स की अलग-अलग दरों के कारण कीमतों में अंतर रहता है. वैट का भी असर पड़ता है. तेल अभी तक जीएसटी के दायरे में नहीं लाया गया है.  जबकि जीएसटी में लाने की मांग लगातार की जा रही है.

अक्‍टूबर की शुरुआत में वित्‍त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली एक्‍साइज ड्यूटी में डेढ़ रुपये प्रति लीटर की कमी की गयी थी. साथ ही सरकारी तेल कंपनियों से एक रुपया प्रति लीटर कम करने को कहा गया था.  लेकिन कीमतें फिर वहीं पहुंच गयी, जहां थी.

 

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