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सीमेंट की कीमत में बढ़ोतरी का असरः 570 करोड़ की सरकारी योजनाओं की लागत में होगी 46 करोड़ तक की बढ़ोतरी

  • हर महीने 20 लाख बोरी सीमेंट की होती है खपत, अब हर महीने सीमेंट पर खर्च होगा 72 करोड़.
  • प्रति बोरी 80 रुपये का हो गया इजाफा, 350 से 360 रुपये प्रति बोरी मिल रहा सीमेंट.
  • वर्तमान में भवन निर्माण विभाग के 570 करोड़ के ऑनगोइंग प्रोजेक्ट्स पर चल रहा काम, जिसमें रिनोवेशन और नये कंट्रक्शन का काम है शामिल.
  • भवन निर्माण के प्रोजेक्ट्स में 45 से 46 करोड़ तक की हो सकती है वृद्धि, सीमेंट की खरीदारी में 14 करोड़ रुपये तक की होगी वृद्धि

Ranchi: झारखंड में सीमेंट की कीमत आसमान छू रही है. सीमेंट की कीमत बढ़ने से भवन निर्माण विभाग के प्रोजेक्ट्स में और आठ फीसदी का इजाफा हो सकता है.

फिलहाल 570 करोड़ के नये कंस्ट्रक्शन और रिनोवेशन का काम प्रदेश में चल रहा है. अगर आठ फीसदी की वृद्धि हुई तो लगात और 45 से 46 करोड़ रुपये बढ़ जायेगी.

हालांकि सरकार रिवाइज इस्टीमेट भी बना सकती है. अगर इस्टीमेट रिवाइज नहीं हुआ, तो गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है.

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ठेकेदार भी बढ़ा सकते हैं प्रति वर्गफीट कंस्ट्रक्शन का रेट

सीमेंट की कीमत में वृद्धि होने के कारण ठेकेदार भी कंस्ट्रक्शन का रेट बढ़ा सकते हैं. वर्तमान में 1400 से 1500 रुपये वर्गफीट कंस्ट्रक्शन का रेट चल रहा है. अब इसे बढ़ाकर 1800 रुपये वर्गफीट किये जाने की संभावना नजर आ रही है.

बिल्डर एसोसिएशन का मानना है कि क्वालिटी के साथ समझौता नहीं किया जा सकता. क्योंकि क्वालिटी खराब होगी तो कंस्ट्रक्शन टिकाऊ और मजबूत नहीं हो पाया.

अमूमन ढलाई में चार कढ़ाही बालू, एक कढ़ाही गिट्टी और एक कढ़ाही सीमेंट की जरूरत होती है. वहीं प्लास्टर में छह कढ़ाही बालू और एक कढ़ाई सीमेंट की जरूरत होती है.

भवन निर्माण के प्रोजेक्ट्स पर हर माह 20 लाख बोरी सीमेंट की खपत

भवन निर्माण की योजनाओं में हर माह लगभग 20 लाख बोरी सीमेंट की खपत होती है. सीमेंट की कीमत प्रति बोरी 80 रुपये बढ़ जाने से अब हर महीने सीमेंट पर 72 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे.

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दिसंबर तक सीमेंट 280 से 290 रुपये प्रति बोरी मिलती थी. इस हिसाब से भवन निर्माण की योजनाओं पर हर महीने सीमेंट पर 58 करोड़ रुपये खर्च होता था. मतलब अब सीमेंट की खरीदारी में और 14 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे.

क्यों बढ़ी सीमेंट की कीमत

कंपनियां सीमेंट के मूल्य में बढ़ोतरी का कारण सरकारी परियोजनाओं में लगातार गिरावट, लोकसभा चुनाव 2019 और पानी की कमी बता रही हैं. रेटिंग एजेंसी क्रिसिल का कहना है कि देशभर में जो सीमेंट 290 रुपये बोरी बिक रही थी. उसका मूल्य बढ़ा कर 350 से 360 रुपये कर दिया गया है.

झारखंड में डालमिया, एसीसी, जेपी, लाफार्ज सीमेंट का उत्पादन हो रहा है. झारखंड में सीमेंट की कीमतें बढ़ने का सबसे ज्यादा असर व्यक्तिगत तौर पर घर बनवा रहे लोगों पर पड़ेगा.

साल दर साल सीमेंट की कीमत
सितंबर 2017 320 रुपये
दिसंबर 2017 325 रुपये
मार्च 2018 315 रुपये
दिसंबर 2018 280-290 रुपये
मई 2019 350-360 रुपये

क्या कहते हैं बिल्डर व बालू ट्रक एसोशिएसन के महासचिव

एसोसिएशन के महासचिव मोईज अख्तर के अनुसार, सीमेंट की कीमत में वृद्धि के कारण भवन निर्माण के प्रोजेक्ट्स पर आठ फीसदी तक की वृद्धि हो सकती है.

वहीं ठेकेदार कंस्ट्रक्शन का रेट भी बढ़ा सकते हैं. वर्तमान में 1400 से 1500 रुपये वर्गफीट कंस्ट्रक्शन का रेट है. सीमेंट की कीमत में वृद्धि होने से यह 1800 रुपये वर्गफीट तक हो सकता है. भवन निर्माण प्रोजेक्ट में प्रति माह लगभग 20 लाख बोरी सीमेंट की खपत होती है.

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