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हड़ताल खत्म करने के लिए आंगनबाड़ी सेविकाओं पर बनाया गया दबाव, यूनियन ने कहा- उग्र होगा आंदोलन

हजारीबाग, देवघर, लोहरदगा, गोड्डा में वापस ली गयी हड़ताल

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  • कुछ जिलों में सेविकाओं को दिया गया चयनमुक्ति पत्र

Ranchi: पिछले 47 दिनों से जारी आंगनबाड़ी सेविकाओं की हड़ताल बुधवार को कई जिलों में समाप्त कर दी गयी. 30 सितंबर को आंगनबाड़ी सेविकाओं की मांगों पर गठित आइएएस अफसरों की कमेटी की बैठक यूनियन के प्रतिनिधिमंडल के साथ बुलायी गयी थी.

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इससे असंतुष्ट आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन ने हड़ताल जारी रखने की बात की थी. लेकिन बुधवार को जिला प्रशासन की ओर से दबाव बनाये जाने के बाद कई जिलों में आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने हड़ताल तोड़ दी और काम पर लौटी गयीं.

सबसे पहले हड़ताल हजारीबाग में तोड़ी गयी. इसके बाद देवघर, गोड्डा, सिमडेगा, लोहरदगा समेत छह जिलों में हड़ताल खत्म की गयी.

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अन्य 18 जिलों में हड़ताल जारी है. आंगनबाड़ी सेविकाओं से बात करने से पता चला कि सीडीपीओ और सुपरवाइजर की ओर से लगातार उन्हें चयन मुक्ति संबधी पत्र देने की बात की जा रही है.

रांची में कुछ को मिला चयनमुक्ति पत्र, आंदोलन होगा उग्र

रांची जिला में सीडीपीओ की ओर से लगातार यूनियन के सदस्यों को हड़ताल समाप्त करने या चयनमुक्ति का पत्र लिये जाने की बात कही गयी.

यहां कुछ सेविकाओं को चयनमुक्ति पत्र दिये गये. लेकिन यूनियन की ओर से बताया गया कि आंदोलन उग्र किया जायेगा.

प्रदेश अध्यक्ष बालमुकूंद सिन्हा ने कहा कि सरकार इस तरह से आंगनबाड़ी सेविकाओं पर दबाव बनायेगी तो इससे कुछ नहीं होगा.

आंदोलन और उग्र किया जायेगा. जिन जिलों में हड़ताल समाप्त की गयी है, उन जिलों में भी हड़ताल फिर से की जायेगी. फिलहाल 18 जिले हड़ताल पर हैं.

5900 सौ रुपये मानदेय पर अधिकारी हैरान हुए थे

झारखंड प्रदेश आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ 30 सितंबर को कल्याण विभाग के सचिव और विकास आयुक्त ने वार्ता की. वार्ता पूरी तरह विफल रही.

आंगनबाड़ी वर्कर्स को अधिकारियों की ओर से जो प्रतिक्रिया दी गयी, उससे आंगनबाड़ी यूनियन और मिलने गया प्रतिनिधिमंडल काफी हैरान है.

रांची जिला अध्यक्ष सुमन कुमारी और यूनियन के सचिव रंजन कुमार ने बताया कि उपस्थित अधिकारियों ने आंगनबाड़ी सेविकाओं को मिलनेवाले 5900 रुपये पर काफी हैरानी जतायी.

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विकास आयुक्त ने कहा कि मेरे समय में एक हजार दिया जाता था. ऐसे में 5900 तो काफी अधिक है. सरकार की ओर से आंगनबाड़ी सेविकाओं की रिटायरमेंट की उम्र 62 करने पर अधिकारियों ने कहा कि हमारी रिटायरमेंट उम्र भी बढ़ा दीजिये. उकी इन बातों से यूनियन के सदस्यों में काफी हैरानी है.

26 दिन कमेटी ने कार्य किया लेकिन नहीं है मानदेय की जानकारी

वार्ता में गये प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि चार सितंबर को कल्याण विभाग के सचिव, विकास आयुक्त और वित्त सचिव की तीन सदस्यीय कमेटी बनायी गयी.

30 सितंबर को जब प्रतिनिधिमंडल अधिकारियों से मिलने गया तो वार्ता में उपस्थित अधिकारियों को यह तक नहीं पता था कि सेविकाओं को कितना मानदेय दिया जाता है.

सेविकाओं की ओर से ही अधिकारियों को 5900 रुपये और सहायिका को मिलनेवाले 2900 रुपये की जानकारी दी गयी. रंजीत कुमार ने कहा कि हैरानी की बात है 26 दिनों तक अधिकारियों ने क्या किया.

जबकि यूनियन की ओर से उन्हें छह राज्य में मिलनेवाले मानदेय की जानकारी दी गयी. अब अधिकारियों का कहना है कि वे सभी राज्यों में मिलनेवाले मानदेय की समीक्षा करेंगे. तभी निर्णय लिया जायेगा.

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