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अमेरिका में राष्ट्रपति का विरोध : रॉकेट लॉन्चर लिए तालिबानी गेटअप में नजर आए बाइडेन, जानें क्या है इसकी वजह?

Washington: अफगानिस्तान में तालिबार शासन के लिए दुनिया के कई देशों के साथ-साथ खुद अमेरिकी भी अपने राष्ट्रपति को कुसूरवार मानते हैं. जो बाइडेन के सेना वापसी के फैसले के बाद तालिबान ने 15 अगस्त 2021 को अफगानिस्तान पर कब्जा किया और आम जनता को उसका खामियाजा भुगतना पड़ा. इस फैसले के लिए बाइडेन को निशाना बनाने का एक अभियान अमेरिका (में शुरू हुआ है. इस अभियान के तहत राष्ट्रपति को तालिबानी आतंकी के तौर पर दिखाने वाले बिलबोर्ड लगाए गए हैं. जिस पर लिखा है, ‘मेकिंग द तालिबान ग्रेट अगेन’.

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पूर्व सीनेटर स्कॉट वैगनर ने लगवाया पोस्टर

रिपोर्ट्स की मानें तो बाइडेन को आतंकी के तौर पर दिखाने वाले बिलबोर्ड विज्ञापनों को पेंसिल्वेनिया के पूर्व सीनेटर स्कॉट वैगनर ने लगवाया है,  जिन्होंने लगभग 15,000 डॉलर की लागत से राजमार्गों पर एक दर्जन से अधिक बिलबोर्ड किराए पर लिए हैं और बाइडेन को तालिबान आतंकी दिखाने वाले इन बिलबोर्ड्स (होर्डिंग्स) लगवाए हैं. यह पोस्टर अफगानिस्तान की स्थिति पर जो बाइडेन के फैसले के खिलाफ अमेरिकियों के गुस्से को दर्शाता है. उनका कहना है कि बाइडेन के एक फैसले की वजह से पूरी दुनिया के सामने अमेरिका को शर्मिंदगी उठानी पड़ी और उसका मजाक उड़ा.

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पूर्व सीनेटर स्कॉट वैगनर ने द यॉर्क डेली रिकॉर्ड को बताया कि आखिर आप उन लोगों को क्या कहेंगे जिन्होंने अफगानिस्तान में लड़ाई लड़ी. यह वियतनाम से भी बदतर स्थिति है. द यॉर्क डेली रिकॉर्ड की रिपोर्ट है कि पूर्व सीनेटर ने कई दिग्गजों से मुलाकात की, जिन्होंने सालों तक अफगानिस्तान में अपने सबसे लंबे युद्ध में संयुक्त राज्य की सेवा की. वैगनर ने कहा कि इनमें से कई सैनिकों ने अपने पूरे शरीर- अंगों और मानस – को बलिदान कर दिया.

पेंसिल्वेनिया के पूर्व सीनेटर स्कॉट वैगनर, जन्होंने पोस्टर लगवाया है

दरअसल, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चुनावी अभियान के प्रचलित स्लोगन- ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’, की तर्ज पर ही होर्डिंग में ‘मेकिंग तालिबान ग्रेट अगेन’ लिखा गया है. बिलबोर्ड पर लगी तस्वीर में जो बाइडेन तालिबानी गेटअप में हैं और उनके हाथ में रॉकेट लांचर है. स्कॉट वैगनर ने इस बिलबोर्ड से यह दिखाने की कोशिश की है कि अफगानिस्तान से सेना वापस बुलाकर राष्ट्रपति ने तालिबान की मदद की है. बिलबोर्ड पर ‘मेकिंग द तालिबान ग्रेट अगेन’ यानी तालिबान को फिर से महान बनाना भी लिखा हुआ है.

 

हालांकि, पूर्व सीनेटर ने दावा किया है कि वह ट्रंप सपोर्टर नहीं हैं. उनका कहना है कि अगर डोनाल्ड ट्रंप ने भी ऐसा किया होता, तो वह इसी तरह से उनकी भी होर्डिंग लगाते. बता दें कि 31 अगस्त को डेडलाइन के मुताबिक, अमेरिका ने अपने सभी सैनिकों को वापस बुला लिया था. जो बाइडेन पर डेडलाइन को बढ़ाने का भी दबाव बनाया गया था, मगर उन्होंने किसी की नहीं सुनी और समयसीमा पर कायम रहे. 15 अगस्त को काबुल पर कब्जे का साथ ही अफगानिस्तान पर तालिबान का राज हो गया था.

राष्ट्रपति बाइडेन की छवि हुई खराब

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने अचानक ही अफगानिस्तान से अपनी सेना की वापसी का ऐलान कर दिया था. जो बाइडेन ने कहा था कि अफगान की सेना तालिबान का सामना करने में सक्षम है. हालांकि, चंद दिनों में ही तालिबान ने पूरी अफगानिस्तान पर कब्जा करके बाइडेन की बात को झूठा साबित कर दिया. इस फैसले को लेकर बाइडेन की जमकर आलोचना हुई. पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अफगानिस्तान के हाल के लिए उन्हें दोषी माना. इसके बाद काबुल एयरपोर्ट पर हुए धमाके में अमेरिकी सैनिकों की मौत को लेकर भी बाइडेन लोगों के निशाने पर आए. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इससे बतौर राष्ट्रपति बाइडेन की छवि खराब हुई है.

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