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राष्ट्रपति कोविंद का सिक्योरिटी प्लान लीक होना षड्यंत्र या चूक ? शुरू की गयी जांच

सोशल मीडिया पर राष्ट्रपति की सुरक्षा से जुड़ी पीडीएफ फाइल लीक हुई थी

Lucknow : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का सुरक्षा प्लान लीक होने की जांच शुरू हो गई है. अब तक जो जानकारियां पुलिस को मिली है उसके अनुसार यह सुरक्षा प्लान दो दर्जन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी व उनके अधीनस्थों के पास था. इस मामले की जांच एडीसीपी को सौंपी गई है.

इस जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिरकार सोशल मीडिया पर सुरक्षा से जुड़ी पीडीएफ फाइल लीक कैसे हुई. क्या इसके पीछे कोई षड्यंत्र था या फिर गलती से यह वायरल हो गई. इसे लेकर पुलिस मुख्यालय के कर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है.

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फ्लीट, कार्यक्रम और सुरक्षा से जुड़े तमाम जानकारी थी

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राष्ट्रपति के शहर आगमन से एक दिन पहले रात में सोशल मीडिया पर उनका सुरक्षा प्लान लीक हो गया था. 76 पेज की इस पीडीएफ फाइल में उनकी फ्लीट, कार्यक्रम और सुरक्षा से जुड़े तमाम बिंदुओं पर अधिकारियों के नाम नंबर समेत विस्तृत जानकारी मौजूद थी. यहां तक कि उनकी फ्लीट में कौन-कौन से वाहन किस मेक के और किन अधिकारियों के अंडरटेकिंग में रहेंगे इसका ब्योरा भी शामिल था.

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एडीसीपी ट्रैफिक राहुल मिठास करेंगे जांच

आतंकी गतिविधियों को लेकर शहर में कब क्या हुआ इसकी जानकारी भी थी. सोशल मीडिया पर लीक होने के साथ ही पुलिस और प्रशासनिक महकमें में हड़कंप मच गया. जिसके बाद पुलिस कमिश्नर ने इस मामले में एडीसीपी ट्रैफिक राहुल मिठास को जांच सौंप दी थी.

राष्ट्रपति के दौरे में राजपत्रित अधिकारियों की मुख्य भूमिका रहती है. उनका सुरक्षा प्लान राजपत्रित अधिकारियों के अलावा उनके कुछ अधिनस्थों के पास ही जाता है. जो कि उसी क्रम में ड्यूटियों को लगाकर फिर अधिकारी को देते हैं. उसपर बैठक कर वरिष्ठ अधिकारी ड्यूटियां तय कर देते हैं.

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दो दर्जन से अधिक लोगों के पास प्लान की फाइल

अब तक की जांच में पता चला है कि दो दर्जन से अधिक लोगों के पास इस प्लान की फाइल मौजूद थी. हालांकि इस मामले में फिलहाल कोई अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने पर जिसका भी दोष निकलता है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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