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रेलवे ट्रेड यूनियन की मान्यता के लिए तैयारियां तेज, बनने-बिगड़ने लगे समीकरण

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Dhanbad: भारतीय रेलवे में ट्रेड यूनियन की मान्यता प्राप्ति के लिए मार्च 2019 में होने वाले चुनाव के लिए यूनियनों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है. ईस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर यूनियन (ईसीआरएमयू) ने मान्यता के लिए जोर लगा दिया है. चुनाव के मद्देनजर कर्मचारियों में जागरूकता और संपर्क बढ़ाया जा रहा है. यूनियन के नेताओं ने कहा कि इस बार पूरी उम्मीद है कि यूनियन को मान्यता मिलेगी.

इसीआरकेयू में गुटबाजी चरम पर

मान्यता प्राप्त इसीआरकेयू में गुटबाजी चरम पर है. बता दें कि दशकों तक धनबाद में कांग्रेस की यूनियन की तूती बोलती थी. गुप्तेश्वर तिवारी एंड पार्टी का जलवा था. मगर, यूनियन की मान्यता के लिए हुए चुनाव के बाद कांग्रेस की यूनियन बुरी तरह पिछड़ी. कुछ सालों तक सतराजीत सिंह के नेतृत्व में इसीआरकेयू ने मान्यता प्राप्त यूनियन का सम्मान पाया.

बाद में सतराजीत सिंह को बढ़ती गुटबाजी के कारण यूनियन से अलग होना पड़ा. यूनियन पर राजेश कुमार, डीके पांडेय गुट ने तब काबिज था. बाद में समीकरण पलटा. ब्रिजमोहन सिंह यूनियन के अध्यक्ष बने, डीके पांडेय सहायक संयुक्त महासचिव, बीडी सिंह केंद्रीय उपाध्यक्ष के पद पर पहुंचे तो एसएनपी श्रीवास्तव महासचिव बने. अब चुनाव से ठीक पहले इसीआरकेयू के कद्दावर नेता रंजीत राय इसीआरएमयू में शामिल हो गये हैं. साथ ही बीएमएस की यूनियन भी अभी थोड़ी कमजोर है. कमजोर होने की वजह यूनियन के कद्दावर नेता विनय राय का अवकाश ग्रहण करना बताया जाता है. ऐसे में मान्यता प्राप्त यूनियन इसीआरकेयू फिर से मैदान में चारों तरफ से घिरी नजर आ रही है.

4 से ज्यादा मजदूर यूनियन लड़ेगी 2019 चुनाव

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ट्रेड यूनियन की मान्यता प्राप्ति के लिए मार्च 2019 में होने वाले चुनाव में ईस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर यूनियन, ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन, इस्ट सेन्ट्रल रेलवे मेन्स कांग्रेस और भारतीय मजदूर संघ चुनाव लड़ेगा. इसके अलावा दो अन्य यूनियन भी इस बार का चुनाव लड़ सकती हैं.

बताते चलें कि मार्च 2019 में ट्रेड यूनियनों की मान्यता के लिए चुनाव होगा. चुनाव में मान्यता प्राप्त करने के लिए 35% जनमत की जरूरत होती है. यह जनमत जोनल आधार पर होता है. कुल 17 जोनल सीट के आधा से अधिक लाने वाली की कमेटी दिल्ली में बनेगी. यहां चुनाव मुख्य कार्मिक अधिकारी, पूर्व मध्य रेलवे कराता है. इसके अंतर्गत पांच डिविजन हैं. इसमें धनबाद, मुगलसराय, समस्तीपुर, सोनपुर, दानापुर शामिल हैं. सभी डिविजनों की वोटिंग एक साथ तीन दिन तक चलेगी. सभी डिविजनों की मतगणना एक साथ होगी. वर्तमान में ईसीआरकेयू को ट्रेड यूनियन की मान्यता मिली हुई है.

सिंगल रूम आवंटित कर्मचारियों की झोपड़ियां नहीं तोड़ी जाये : सतरजीत सिंह

इसीआरएमयू के सतरजीत सिंह ने रेल प्रशासन से मांग की है कि झोपड़ी अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत वैसे कर्मचारियों जिनका आवास छोटा है. एक रूम में पूरे परिवार के साथ रहना मुश्किल है. इस कारण से अपने घर के आगे वे लोग झोपड़ी या घर बनाकर रह रहे हैं, वो इंसानियत के नाते अभी नहीं तोड़ा जाये. अभी ठंड का समय है, ऐसे में कर्मचारियों के परिवार को काफी समस्या होगी. इसलिए इसे होली के बाद तोड़ा जाये. इस प्रकार के क्वार्टर में 20 प्रतिशत हाउस अलाउंस मिलता है. ऐसे क्वार्टर में सही मैंटनेंस भी नहीं है. अभी तक अंग्रेजों के समय वाला नियम ही चला आ रहा है, सिर्फ सिंगल रूम ही मिल रहा है. इससे कर्मचारियों को परिवार रखने में बहुत परेशानियां झेलनी पड़ती है.

इसके अलावा यूनियन की मांग है कि लार्जेस स्कीम के तहत रेल कर्मियों के बच्चों को नौकरी फिर से बहाली की जाये. न्यूनतम वेतन 18000 रुपये से बढ़ाकर 26000 किया जाये. न्यू पेंशन योजना को रद्द कर पुरानी पेंशन योजना 01/01/2004 को फिर से लागू किया जाये. रेलवे में निजीकरण, एफडीआई, आउटसोर्सिंग बंद की जाये.

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