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झारखंड में सड़कों के लिए चार से पांच सौ करोड़ लोन लेने की तैयारी

685 करोड़ की लागत का प्रस्ताव हो रहा तैयार,नाबार्ड से लिया जायेगा कर्ज

Ranchi:  झारखंड सरकार (नाबार्ड राष्ट्रीय बैंक फॉर कृषि और ग्रामीण विकास) पथ निर्माण विभाग की सड़कों के लिए चार से पांच सौ करोड़ तक लोन लेने की तैयारी कर रहा है. पथ निर्माण विभाग इसके लिए छह से सात सौ करोड़ तक की योजनाओं का प्राक्कलन तैयार कर रहा है. प्रयास हो रहा है कि इस वित्तीय वर्ष अगर 600-700 करोड़ तक की योजना का प्रारूप तैयार करके नाबार्ड को भेजा जाये तो करीब चार से पांच सौ करोड़ तक लोन मिल सकता है.

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पथ निर्माण विभाग के सचिव के निर्देश के बाद विभाग के इंजीनियर इसके लिए योजना का डीपीआर बना रहे हैं. पीडब्लूडी योजना के लिए आरआईडीएफ 22 के तहत ये लोन लिया जायेगा. पथ प्रमंडल के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में लगभाग दो दर्जन सड़कों की इसके तहत मंजूरी दी जायेगी. नाबार्ड और झारखंड सरकार के बीच लोन शेयर का अनुपात 80:20 का है. पिछले वित्तीय वर्ष में नाबार्ड से 413 करोड़ लोन लेने का प्रस्ताव बना था,जिसमें से सिर्फ 208 करोड़ मिल पाया. अब विभाग प्रयास कर रहा है कि अधिक से अधिक राशि नाबार्ड से प्राप्त की जाये ताकि सड़क निर्माण का काम तेजी से किया जा सके.

शर्तें आ रही थी आड़े

हालांकि, नाबार्ड से राशि लेने में अब विभाग को परेशानी हो रही है. नाबार्ड ने पिछले वित्तीय वर्ष एक शर्त लगा दी थी कि जो भी सड़क बनेगी उसका मेंटेनेंस कम से कम पांच साल तक संबंधित संवेदक को करना होगा. नाबार्ड की इस शर्त से विभाग को लोन मिलने में काफी अड़चन आईं थीं. विभाग सभी प्रस्ताव नहीं भेज सका,संवेदक भी इसपर आनकानी करते रहे. विभाग का कहना है कि पीडब्लूडी की सड़कों के मेंटनेंस का काम राष्ट्रीय रोड कांग्रेस के मानकों के अनुसार किया जाता है. सड़क का निर्माण भी रोड कांग्रेस के मानकों के अनुरूप होता है.  जबकि नाबार्ड की जो शर्त वह केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना में लागू होती है. ऐसे में मुख्य सचिव के स्तर से शर्तो में ढील देने के लिए नाबार्ड के वरीय अधिकारियों को अनुरोध भी किया गया है,जिस पर सहमति बन गयी है.

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