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स्वच्छता सर्वेक्षण–2019 को लेकर तैयारी शुरू, 41 निकायों में डोर टू डोर कचरा उठाने का दिया गया निर्देश

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Ranchi : स्वच्छता सर्वेक्षण– 2019 को लेकर नगर विकास विभाग ने प्रदेश के 41 नगर निकायों में डोर टू डोर कचरा उठाने की दिशा में पहल शुरू कर दी है. नगर विकास विभाग अंतर्गत स्टेट अर्बन डेवलपमेंट एजेंसी (सूडा) के निदेशक अमित कुमार ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये प्रदेश के सभी नगर निकायों के नगर आयुक्तों, कार्यपालक पदाधिकारियों को इस दिशा में त्वरित कार्य करने को कहा है. उन्होंने कहा कि सरकार के सामने अब यह चुनौती है कि पुरानी रैंकिंग को बरकरार रखते हुए राज्य के सभी शहरों की रैंकिंग में सुधार किया जाये. इसके लिए अधिकारियों को कई टास्क दिये गये हैं.

2019 में अन्य शहरों को शामिल करने पर हो काम

निदेशक अमित कुमार ने बताया कि वर्ष 2018 के स्वच्छता सर्वेक्षण सूची को लेकर नगर विकास विभाग की तरफ से उचित कदम उठाये गये थे. इसमें सभी नगर निकायों से शत-प्रतिशत डोर टू डोर कचरा उठाना था. इसमें सूखा और गीला कचरा को अलग-अलग उठाया गया था. इसके कारण स्वच्छता रैंकिंग– 2018 में जहां सिटीजन फीडबैक मामले में रांची अव्वल रही थी, वहीं एक लाख से तीन लाख तक की आबादीवाले शहरों में सिटीजन फीडबैक के मामले में गिरिडीह पहले स्थान पर, देश के ईस्ट जोन में एक लाख से कम आबादीवाले शहरों में बुंडू को क्लीनेस्ट सिटी का खिताब मिला था. उन्होंने कहा कि जरूरी है कि 2018 के सर्वेक्षण को बरकरार रखते हुए 2019 की सूची में राज्य के अन्य शहरों को भी जोड़ा जाये.

स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 के लिए दिया निर्देश

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान निदेशक अमित कुमार ने स्वच्छता सर्वेक्षण– 2019 को लेकर सभी नगर आयुक्तों को निम्न निर्देश दिये-

  • C&D वेस्ट यूटिलाइजेशन मैनेजमेंट को लेकर दो प्रकार के लॉगबुक तैयार करें.
  • शहर में कार्यरत सभी कबाड़ीवालों को सूखा कचरा हैंडओवर करें.
  • गीले कचरे की अलग-अलग जगहों पर कंपोस्टिंग की जाये.
  • यह सुनिश्चित हो कि व्यावसायिक प्रतिष्ठान से निकलनेवाले कचरे का प्रोसेसिंग प्लांट उनके अधिकारवाले क्षेत्र में लगाया जाये.
  • स्वच्छता ऐप डाउनलोड करने और उसमें लोगों को सक्रिय रूप से फीडबैक देने का काम सुनिश्चित किया जाये.
  • सभी नगर निकायों में किये जा रहे कार्यों का डॉक्यूमेंटेशन तैयार किया जाये.

2019 का स्वच्छता सर्वेक्षण का कार्य जनवरी से

मालूम हो कि अगले वर्ष चार जनवरी से स्वच्छ सर्वेक्षण-2019 का कार्य शुरू हो रहा है. इसके लिए यह जरूरी है कि नगर निकायों में साफ-सफाई से जुड़े बुनियादी उपाय किये जायें. साथ ही, लोगों को भी इसके लिए जागरूक किया जाये. इस दिशा में विभिन्न माध्यमों से नगर निकायों में प्रचार-प्रसार भी शुरू किया गया है. डंपिंग यार्ड पर कचरा का दबाव कम करने के लिए निर्देश दिया गया है कि सूखा कचरा को सीधे कबाड़ीवाला तक पहुंचाया जाये. वेस्ट बिल्डिंग मैटेरियल को भी वैसी जगह पर जरूरतमंद लोगों को दिया जाये, जिन्हें घर, सड़क निर्माण और अन्य जगहों पर उसकी जरूरत है. इसके लिए लोगों से संपर्क बनाने पर भी जोर देते हुए निकायों को एक नंबर जारी करने का निर्देश दिया गया है.

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