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केंद्रीय मंत्री पर कार्रवाई नहीं करना 2019 की तैयारी, इसी विचार से प्रेरित तो नहीं है भाजपा अध्यक्ष का झारखंड दौरा : आलोक दुबे

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Ranchi : रामगढ़ मॉब लिंचिंग से जुड़े सभी अभियुक्तों को केंद्रीय मंत्री द्वारा सम्मानित किये जाने की घटना के बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की चुप्पी पर प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दुबे ने चिंता व्यक्त की है. पार्टी के मुताबिक, संविधान की शपथ लेकर मंत्री द्वारा की गयी उक्त कार्रवाई घोर आपत्तिजनक है. उन्होंने कहा कि राज्य के दौरे पर आये भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को चाहिए कि वह अपने मंत्री पर कोई ठोस कार्रवाई करें. ऐसा न कर भाजपा सामाजिक सद्भावना और अस्थिरता की कीमत पर वर्ष 2019 की तैयारी करने का काम कर रही है, जो सामाजिक सौहार्द को बिगाड़नेवाला है. उन्होंने कहा कि जब केंद्रीय मंत्री ही स्वयं अभियुक्तों को महिमामंडित करेंगे, तो कैसे पीड़ितों को न्याय मिलेगा.

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अमनपंसद लोगों में है भारी गुस्सा

आलोक कुमार दुबे ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के इस कार्य से भले ही प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह चुप्पी साधे हुए हैं, पर झारखंड सहित पूरे देश के अंदर अमन चाहनेवाले लोगों में भारी क्षोभ और गुस्सा है. उन्होंने कहा कि अब तो देश के बाहर भी इस कार्य की निंदा हो रही है. हार्वर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ रहे छात्रों ने ऑनलाइन पिटीशन देकर मांग की है कि जयंत सिन्हा ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय की प्रसिद्धि को चोट पहुंचायी है. अतः उनसे यूनिवर्सिटी का एल्युमिनी स्टेटस वापस ले लिया जाये. मालूम हो कि जयंत सिन्हा हार्वर्ड विश्वविद्यालय के छात्र रह चुके हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस पिटीशन का समर्थन भी किया है. इतना ही नहीं, सेवानिवृत्त ब्यूरोक्रेसी के एक समूह ने भी पत्र लिखकर केंद्रीय मंत्री पर कार्रवाई करने की मांग की है. इसी तरह स्वयं उनके पिता यशवंत सिन्हा ने भी कहा है कि मैं नालायक बेटे का लायक बाप हूं.

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झारखंड दौरे पर आये अमित शाह क्यों नहीं करते कार्रवाई

आलोक दुबे ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह झारखंड दौरे पर आये. क्या वह अपने ऐसे मंत्री पर कार्रवाई करने का साहस दिखा सकते हैं, क्योंकि ऐसा कर केंद्रीय मंत्री ने समाज के अंदर शांति, सद्भावना, स्थिरता को बिगाड़ने का काम किया है. उन्होंने कहा कि यह एक तरह से सामाजिक सद्भावना और अस्थिरता की कीमत पर वर्ष 2019 की तैयारी करने का भाजपा का प्रयास है. उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से पूछा है कि क्या 2019 की तैयारी की यह रिहर्सल है और इसी विचार को आगे बढ़ाने के लिए कहीं उनका झारखंड दौरा तो नहीं है.

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सामाजिक सद्भाव के लिए जयंत सिन्हा को करें बर्खास्त

आलोक दुबे ने मांग की है कि केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा को पूरी घटना के लिए कैबिनेट से बाहर किया जाये, ताकि प्रदेश और देश में शांति, सद्भावना और स्थिरता के विचार को आगे बढ़ाया जा सके. उनके मुताबिक अगर भाजपा ऐसा नहीं करती है, तो उसे इसका गंभीर परिणाम भुगतान पर पड़ सकता है.

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