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मांडर विधानसभा उपचुनाव की तैयारी तेज, हैदराबाद से लाया गया 1000 वीवीपैट            

Ranchi : मांडर विधानसभा उपचुनाव को लेकर झारखंड के मंत्रिमंडल (निर्वाचन) विभाग उपचुनाव की तैयारियों में जुट गया है. मांडर उपचुनाव को लेकर देवघर से 1500 बैलेट यूनिट (बीयू),  पलामू से 671 और लातेहार से 238 कंट्रोल यूनिट (सीयू) यानि कुल 909 सीयू मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार के निर्देश पर मंगाया गया. वहीं, हैदराबाद से एम-3 एम-3 (थर्ड जेनरेशन मशीन) वीवीपैट मंगायी गयी है.

 

वीवीपैट लाने के लिए की गयी थी मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति :

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झारखंड के निर्देश पर डीसी छवि रंजन ने ईवीएम-वीवीपैट की निर्माता कंपनी ईसीआईएल (हैदराबाद) से वीवीपैट लाने के लिए रोहित कुमार भगत (प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, बुढ़मू) को मजिस्ट्रेट और उनके सहयोग के लिए दीपक कुमार किस्कू (जनसेवक, अनगड़ा) को प्रतिनियुक्त किया गया था. वीवीपैट को सुरक्षित हैदराबाद से रांची लाने के लिए 1/4 शस्त्र बल की भी प्रतिनियुक्ति की गई थी. यह टीम वीवीपैट लेकर वापस रांची लौट आयी.

 

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दो बड़ी कंटेनर से लाया गया वीवीपैट:

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हैदराबाद से 1000 वीवीपैट लाने के लिए दो बड़ी कंटेनर को भी रांची जिला प्रशासन की ओर से प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट व पुलिस बल के साथ भेजा गया था. इस संबंध में डीसी छवि रंजन ने जिला निर्वाचन कार्यालय को कंटेनर के अलावा दो छोटे वाहन (सूमो और इनोवा) भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था. वीवीपैट लाने के दौरान मार्ग में किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए रांची से हैदराबाद तक पड़ने वाले सभी जिला के डीसी और एसएसपी को इसकी सूचना जिला प्रशासन रांची की ओर से उपलब्ध करायी गयी थी.

 

एफएलसी के जरिए मशीन के सही-खराब होने का चलेगा पता:

मांडर विधानसभा क्षेत्र के 271 भवनों में 429 बूथ हैं. मतलब 429 बीयू और 429 सीयू के अलावा 10 प्रतिशत रिजर्व भी रखा जाना है. ऐसे में सभी बीयू-सीयू और वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) करायी जाएगी.

इससे यह पता चलेगा कि कितने बीयू-सीयू या वीवीपैट खराब हैं. ताकि, चुनाव के समय में किसी तरह की समस्या न आए. जानकारी के अनुसार झारखंड में दो राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं. इसके बाद मांडर उपचुनाव की घोषणा हो सकती है. हालांकि, निर्वाचन कार्यालय के पदाधिकारियों के अनुसार ईवीएम और वीवीपैट लाने की प्रक्रिया टाइम टेकिंग है. इसलिए जैसे ही उपचुनाव होने की परिस्थिति बनी इसे मंगाने की कवायद शुरू कर दी गयी.

 

इसलिए होना है उपचुनाव :

आय से अधिक संपत्ति को लेकर सीबीआई की विशेष अदालत ने 28 मार्च को दोषी मानते हुए मांडर विधायक बंधु तिर्की को तीन वर्ष की सजा सुनाई है. जिसके बाद झारखंड विधानसभा ने 8 अप्रैल को अधिसूचना जारी करते हुए विधायक बंधु तिर्की की सदस्यता समाप्त कर दी. विधानसभा से जारी अधिसूचना के बाद भारत निर्वाचन आयोग को इस संबंध में अवगत कराते हुए राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार उपचुनाव कराने का आग्रह कर चुके हैं.

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