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प्रदीप यादव ने कहा- बीजेपी के दबाव में आकर अध्यक्ष ने लिया दल-बदल मामले में निर्णय, कांग्रेस ने कहा Delayed and denied justice

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Ranchi: दल-बदल मामले में झारखंड विधानसभा की खुली इजलास में सुनवाई पूरी होने के बाद अध्यक्ष दिनेश उरांव ने अपना फैसला सुना दिया. फैसला बीजेपी के पक्ष में है, अध्यक्ष ने कहा कि जेवीएम का विलय बीजेपी में नियम और शर्तों के मुताबिक हुआ है. इस फैसले के बाद सभी पार्टियों की तरफ से बयान जारी किया जा रहा है. जेवीएम के विधायक प्रदीप यादव ने इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए इसे झारखंड की छवि धूमिल करनेवाला बताया है. उन्होंने साफ तौर से कहा कि पार्टी के दवाब में आकर विधानसभा अध्यक्ष ने यह फैसला सुनाया है. एक वीडियो के जरिए उन्होंने बयान जारी किया है. बयान में उन्होंने कहा है —

“झारखंड विधानसभा अध्यक्ष का दल बदल मामले में आया निर्णय बिल्कुल संविधान की दसवीं अनुसूची की भावना के खिलाफ है. संविधान की दसवीं अनुसूची स्पष्ट कहती है की पार्टी का विलय तब माना जाएगा जब पूर्ण पार्टी का विलय हो, और उसमें शर्त यह है कि दो तिहाई चुने हुए जनप्रतिनिधि विधायक या सांसद का भी विलय हो. यहां तो केवल दो तिहाई विधायकों का विलय हुआ है. फिर भी उन्होंने पार्टी के विलय को मान लिया. यह लोकतंत्र की हत्या के बराबर है और फिर से एक बार पूरे देश में झारखंड की हंसी उड़ेगी. साथ ही लोकतंत्र के साथ भद्दा मजाक समझा जाएगा. भारतीय जनता पार्टी से यही उम्मीद थी कि अपनी सरकार बचाने के लिए वह यही निर्णय दबाव में अध्यक्ष से कराएंगे और आज वही हुआ. हम इस निर्णय का विरोध करेंगे. यह फैसला संविधान के अनुच्छेद और अनुसूची के विरोध में है. इस फैसले के खिलाफ हम लोग हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे. हमे पूरा भोरास है कि हाई कोर्ट फिर से एक बार अध्यक्ष को निर्णय वापस लेने के लिए मजबूर करेगा. हम लोग हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.”

फैसला लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है : बंधु तिर्की

झारखंड विकास मोर्चा के केंद्रीय महासचिव बंधु तिर्की ने दल-बदल मामले पर कहा, “स्पीकर के न्यायाधिकरण से जो फैसला आया है, वह लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा है. यह निर्णय स्पीकर महोदय की अंतरात्मा का निर्णय नहीं. यह निर्णय भाजापा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की अंतरात्मा का निर्णय है. इस मामले को हमारी पार्टी उच्च न्यायालय में लेकर जायेगी और हमें पूर्ण भरोसा और विश्वास है कि न्यायालय में हमें जरूर न्याय मिलेगा.”

अध्यक्ष ने बीजेपी नेताओं की बात मानीः धीरज साहू

न्यूज विंग से बात करते हुए राजसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने कहा है कि ऐसा फैसला आना पहले से तय था. कांग्रेस और जेवीएम पहले से ही इस फैसले के बारे बोल चुकी हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के उच्च नेताओं के निर्देशों का पालन विधानसभा अध्यक्ष ने किया है. लोकतंत्र का गला घोंटा गया है. विधानसभा अध्यक्ष की ये सुनवाई संतोषजनक नहीं अंसतोषजनक है.

पूरे देश में गया गलत संदेशः राजेश ठाकुर

न्यूज विंग से बात करते हुए कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राजेश ठाकुर ने कहा कि यह फैसला Delayed and denied justice की श्रेणी में आता है. फैसला देर से तो आया ही ऊपर से फैसले में जस्टिस नहीं है. इस फैसले से पूरे देश में दल-बदल को बढ़ावा मिलेगा और इस तरह के जो दलबदलू विधायक हैं उनका मनोबल बढ़ेगा. जब भी कभी दल बदल का मामला आएगा तो झारखंड विधानसभा स्पीकर के फैसले की नजीर पेश की जाएगी और दलबदलुओं को इसका फायदा मिलेगा. झारखंड की छवि पूरे देश में धूमिल हुई है.

विधानसभा अध्यक्ष के पद और मर्यादा को कलंकित कियाः आम आदमी पार्टी

न्यूज विंग से बात करते हुए आम आदमी पार्टी (aap) के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मी नारायण मुंडा ने कहा है कि झारखंड विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने जेवीएम के छह विधायकों के मामले में जो निर्णय दिया है, यह पूरी तरह पक्षपात और रघुवर सरकार को बचाने के लिए है. विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव ने ऐसा निर्णय देकर विधानसभा अध्यक्ष के पद और मर्यादा को कलंकित करने का काम किया है. इस राज्य के आम लोग भी जानते हैं कि इन छह विधायकों ने जेवीएम से चुनाव लड़कर जीता था और चुनाव जीतने के बाद अवसरवादी तरीके से भाजपा की रघुवर सरकार में शामिल हुए थे. श्री मुंडा ने कहा कि राज्य की जनता इन दलबदलू विधायकों और विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव सहित भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लें.

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