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राहे प्रखंड के रहनेवाले प्रदीप प्रणव 6ठी जेपीएससी से बने डीएसपी, माउंटेनिंग, स्कूबा डाइविंग और म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट के हैं शौकीन

Ranchi : रांची जिले में है राहे प्रखंड. इस प्रखंड का एक गांव है पुरनानगर हजारी टोला. यहीं के रहनेवाले हैं प्रदीप प्रणव. इन्हें बहुमुखी प्रतिभा का धनी कहा जाये तो अतिश्योक्ति नहीं होगी. प्रदीप आधा दर्जन से अधिक सरकारी नौकरी बदल कर डीएसपी के रूप में चयनित हुए हैं. उन्होंने 6ठी जेपीएससी में पहले ही प्रयास में द्वितीय स्थान ( सामान्य वर्ग में) हासिल किया है. पुलिस सेवा में हिंदी माध्यम से पहला रैंक पाया है.

बकौल प्रदीप प्रणव, वह डीएसपी पद को अपनी मंजिल नहीं मानते हैं. वे आइपीएस बनना चाहते हैं. उन्होंने इस वर्ष यूपीएससी में साक्षात्कार भी दिया है.

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हजारीबाग में सांख्यिकी पदाधिकारी हैं प्रदीप

प्रदीप प्रणव वर्तमान में हजारीबाग में केंद्र सरकार के अंतर्गत सांख्यिकी पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं. इनकी पूर्व की उपलब्धियों की बात करें तो वर्ष 2010 में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में पीओ पद पर चयनित हुए. 7 माह नौकरी करने के बाद आइबी में अधिकारी के रूप में चयन हुआ. फिर साल 2012 में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में चयन हुआ. दिसंबर 2012 में सांख्यिकी एवं क्रियान्वयन मंत्रालय के तहत नेशनल सैंपल सर्वे ऑफिस में सहायक अधीक्षण पदाधिकारी पद पर चयन हुआ.

संत जॉन्स स्कूल से की है स्कूलिंग

प्रदीप प्रणव ने 12वीं तक की पढ़ाई संत जॉन्स स्कूल रांची से की है. इसके बाद गणित में स्नातक की डिग्री संत जेवियर्स कॉलेज से की. एमएससी एवं एमफिल की डिग्री रांची विश्वविद्यालय से ली है. इसमें उन्हें डिस्टिंक्शन मिला था. इनके पिता सुरेश चंद्र महतो सेवानिवृत्त शिक्षक और मां सविता देवी स्वास्थ्य विभाग झारखंड सरकार में कार्यरत हैं.

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उपलब्धियों की है लंबी फेहरिस्त

प्रदीप प्रणव की उपलब्धियों की बात करें तो इसकी फेहरिस्त काफी लंबी है. 10वीं में कराटे में ब्लैक बेल्ट मिला. एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीन प्रदीप ने हिमालयन पर्वतारोहण संस्थान दार्जिलिंग से पर्वतारोहण का कोर्स किया. इन्होंने हिमालय की 10 चोटियों की चढ़ाई की है. प्रदीप प्रणव ने हिंद महासागर में स्कूबा डाइविंग व गोताखोरी की ट्रेनिंग भी ली है.

एनसीसी में बी और सी सर्टिफिकेट प्राप्त करने के बाद माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट में उड़ान भरने के साथ फ्लाइंग भी की है. जीवी मावलंकर शूटिंग दिल्ली में झारखंड एनसीसी  को सिल्वर मेडल दिलाया है. पारा-सेलिंग, पारा-ग्लाइडिंग, रिवर-राफ्टिंग और हॉर्स-राइडिंग इनके शौक हैं.

प्रदीप प्रणव 42 प्रकार के देशी व विदेशी म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाते हैं. इसके अलावा इन्होंने झारखंड में बनी नागपुरी फिल्म एल्बम में- “ काले दिल के चुरा ले “ एवं “काजल व बिखरे मोती “  में भी अभिनय कौशल दिखाया है. प्रदीप के पास 180 देशों के सिक्के व करेंसी नोट हैं. फिलैटली के तहत विश्व के अनेक देशों के हजारों डाक टिकटों का अनुपम संग्रह भी इनके पास है. इनके पास महारानी विक्टोरिया द्वारा हस्ताक्षरित फोर्ट विलियम बिल्डिंग का 1886 का दस्तावेज,  पूर्वी पाकिस्तान (जेसोर) का टेलीग्राम भी है.

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