न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

बिजली कट से हैं परेशान, अक्टूबर तक नहीं मिलने वाली है राहत

दो दर्जन से ज्यादा प्रेजेक्ट्स लटकने की वजह से परेशानी

436

रांचीः यदि आप बिजली कट से परेशान हैं और आपकी शिकायत कहीं नहीं सुनी जा रही है तो आपकी यह परेशानी और बढ़ने वाली है. राजधानी रांची सहित पूरे सूबे में लोगों को अक्टूबर तक बिजली कट की समस्या परेशान करती रहेगी.
दरअसल बिजली बोर्ड ने साफ कह रखा है कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में बिजली है लेकिन प्रोजेक्ट कार्य की वजह से शट डाऊन लेना उनकी परेशानी है. सूबे में इस वक्त ग्रामीण विद्युतीकरण, एआरपीडीआरपीस, अंडरग्राऊंड केबल सहित दो दर्जन से ज्यादा प्रोजेक्ट कार्य चल रहे हैं. कायदे से इन सभी प्रोजेक्ट को जून तक समाप्त हो जाना था लेकिन अब बिजली बोर्ड के अधिकारी कह रहे हैं कि काम पूरा हुआ नहीं. अक्टूबर तक काम चलेगा. यानी आपको अक्टूबर तक बिजली कट की समस्या से दो चार होना पड़ेगा.

इसे भी पढ़ेंः Flash Back: चुनाव में मदद नहीं करने पर एनोस ने PLFI से करवा दी थी पारा टीचर मनोज कुमार की हत्या

कंपनियों का रुख लापरवाही भरा
ऊर्जा विकास निगम सिर्फ चिंता के अलावे और कुछ कर नहीं रहा है. दरअसल बिजली बोर्ड अपना सभी काम आऊटसोर्स के माध्यम से करवाता है. कंपनी पर ऊर्जा विकास निगम की कोई पकड़ नहीं है. कंपनियों को लगता है कि यदि वे वक्त पर अपना काम नहीं भी पूरा करेंगे, तो उनका बिल रोकने वाला कोई नहीं है. पॉलीकैब को जून तक अंडरग्राउंड करने का ठेका मिला था लेकिन काम पूरा हुआ नहीं हुआ है.

इसे भी पढ़ेंःगिरिडीहः बिजली की आंख-मिचौली ने बढ़ाई परेशानी, गोलबंद हुए ग्रामीण

लोगों की परेशानी बढ़ा रही सरकार
दो दर्जन से ज्यादा ऐसे प्रोजेक्ट हैं जो वक्त पर पूरा नहीं हो पाया. इन लटके प्रोजेक्ट्स की वजह से बार-बार बिजली कट रही है.राजधानी मेंभी 4 से 6 घंटे पादर कट से आम लोग परेसान हैं. सवाल ये नहीं कि सूबे में प्रोजेक्ट कार्य चल रहे हैं. सवाल ये है कि क्या बगैर वैक्लिपक व्यवस्था के चार से पांच घंटे का शट डाऊन लोगों के साथ अन्याय नहीं है. सरकार डेडलाइन फेल होने पर दोषी कंगनी के खिलाप क्या एक्शन ले रही है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Comments are closed.

%d bloggers like this: