न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

पिछले एक साल से देवघर में अंडरग्राउंड केबलिंग के नाम पर आठ-आठ घंटे काटी जा रही बिजली

835

बिजली समस्या पर चैंबर ने लिया राज्य भर का जायजा

अध्यक्ष ने कहा- जेबीवीएनएल खुद को कार्य मुक्त घोषित करें, नियामक आयोग ने कभी नहीं लिया संज्ञान

Aqua Spa Salon 5/02/2020

Ranchi: अंडरग्राउंड केबलिंग के नाम पर देवघर में पिछले एक साल से लगातार सुबह दस से शाम छह बजे तक बिजली काट दी जा रही है.

वहीं संथाल परगना के लोग भी बिजली बाधित होने से परेशान हैं. उक्त जानकारी फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की ओर से राज्य भर में बिजली आपूर्ति का जायजा लेने के दौरान मिली.

चैंबर ने इस दौरान प्रमंडलवार क्षेत्रीय उपाध्यक्षों से बिजली स्थिति की जानकारी ली. लातेहार, पलामू और गढ़वा में भी रोजाना सात से आठ घंटे बिजली काट दी जा रही है.

इसे भी पढ़ेंःचार सालों में बिजली का उत्पादन 230 MW घटा, मांग 400MW बढ़ी, नतीजा खरीदनी पड़ रही महंगी बिजली

गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, खूंटी में भी दस से बारह घंटे बिजली काटी जा रही है. इसी तरह हजारीबाग, कोडरमा, चतरा, रामगढ़ में भी सात घंटे बिजली काटी जा रही है.

Gupta Jewellers 20-02 to 25-02

चैंबर के सदस्यों को जिलावार इस दौरान जानकारी दी गई कि ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति तो और भी खराब है. वहीं बिजली अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क करने पर सही से जवाब भी नहीं दिया जाता है.

24 घंटे बिजली देने में जेबीवीएनएल असक्षम

राज्य भर की स्थिति का जायजा लेने के बाद चेंबर अध्यक्ष दीपक मारू ने कहा कि मुख्यमंत्री ने वायदा किया था, कि राज्य में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की जाएगी. लेकिन जेबीवीएनएल इसमें असक्षम साबित हुई.

Related Posts

पिछले चार सालों में सही से बिजली आपूर्ति हो इसके लिए मुख्यमंत्री ने विभाग को पर्याप्त फंड भी दिया, लेकिन फिर भी जेबीवीएनएल बिजली आपूर्ति में कोई सुधार नहीं कर सकी.

उन्होंने कहा कि राजधानी समेत सभी इलाकों में देखा जाता है कि मेंटेनेंस के नाम पर बिजली काट दी जा रही है. जबकि मौसम साफ होने के बावजूद मेंटनेंस की क्या जरूरत है ये समझ से परे है. दूसरी ओर गर्मी लगातार बढ़ती जा रही है. ऐसे में जेबीवीएनएल का कार्य संतोषप्रद नहीं लगता.

इसे भी पढ़ेंःऔद्योगिक उत्पादन 21 माह के निचले स्तर पर, तीन साल में सबसे कम रही औद्योगिक वृद्धि दर

विद्युत नियामक आयोग ने भी कभी नहीं लिया संज्ञान

उन्होंने कहा कि बहुत दुख की बात है झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से हर साल जेबीवीएनएल के शुल्क वृद्धि के प्रस्तावों को पास किया जाता है.

लेकिन कभी भी आयोग ने बिजली में सुधार की बात जेबीवीएनएल से नहीं मांगी. जबकि अगर आयोग प्रस्ताव लाती है तो उसे यह भी संज्ञान में लेना चाहिए कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलें. बढ़ी हुई दर लोगों से ली तो जा रही है, लेकिन लोगों को सही सुविधाएं नहीं दी जा रही है.

स्वयं को खुद कार्य मुक्त करें जेबीवीएनएल

इस संबध में दीपक मारू ने कहा कि जेबीवीएनएल अगर बिजली की गुणवत्ता में सुधार नहीं कर सकती है तो उसे स्वयं ही खुद को कार्य मुक्त कर लेना चाहिए. चेंबर प्रदेश की शीर्ष संस्थानों में एक है, ऐसे में सरकार से मांग करती है राज्य की बिजली व्यवस्था को प्राइवेट या प्रोफेसनल संस्थानों के हाथों में सौंपी जाएं.

इसे भी पढ़ेंः84 दिन बीते, तीन बार सैलेरी ली, पर घोषणा के मुताबिक झारखंड सरकार ने नहीं दी पुलवामा शहीदों के परिजनों को राशि

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like