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हाल-ए-MNREGA (3) : 1499 पद हैं खाली, जिनका है जॉब कार्ड उनमें भी 23 प्रतिशत लोगों को ही मिल रहा काम

न्यूजविंग पड़ताल- 89 प्रखंडो में नहीं हैं कार्यक्रम पदाधिकारी, तकनीकी स्वीकृति देने वाले 284 कनीय अभियंता की  खल रही है कमी

Pravin kumar

Ranchi :   झारखंड वापस लौट रहे श्रमिकों के लिए मनरेगा ने कई संभावनाएं पैदा की हैं. राज्य सरकार इस योजना के जरिये उन्हें गांवों में ही बनाये रखने और आजीविका का अवसर मुहैया कराने में जुट चुकी है. लॉकडाउन में यह योजना ग्रामीणों के लिए दो जून की रोटी देने में सबसे अहम साबित होगी, यही उम्मीद है. पर झारखंड में मनरेगा की टीम खुद ही सशक्त नजर नहीं आती है.

तकरीबन सभी जिलों में इसके बेहतर संचालन के लिए मैनपावर का जबर्दस्त अभाव है. यानी जिस योजना के जरिये श्रमिकों को सबल करने की नयी मुहिम शुरू हुई है, उसे ही आगे बढ़ने के लिए सहारे की जरूरत नजर आती है.

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राज्य में प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी के 89, सहायक अभियंता के 115, कनीय अभियंता के 284, कंप्यूटर सहायक के 124, लेखा सहायक के 85, ग्राम रोजगार सेवक के 802 पद रिक्त हैं. सूबे में मनरेगा कर्मियों के कुल 1499 पद रिक्त हैं. हालांकि कुछ जिलों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है.

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रोजगार उपलब्ध कराना सरकार के समक्ष बड़ी चुनौती

राज्य में प्रवासी मजदूरों को लौटने के बाद रोजगार उपल्बध करना राज्य सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है. सूबे में प्रवासी मजदूरों को रोजगार उपल्बध करने के लिए मनरेगा पर जोर दिया जा रहा है. मनरेगा के तहत 10 लाख मानव दिवस रोजगार सृजन करने का लक्ष्य राज्य सरकार की ओर से रखा गया है. लेकिन 10 जून के आंकड़ों के अनुसार मात्र 23 प्रतिशत लोगों को ही रोजगार उपल्बध कराया जा रहा है.

पंचायत के हिसाब से अगर कार्य की उपलब्धता देखें तो प्रति पंचायत 163 लोगों को काम मिल रहा है. जिसमें सबसे फिसड्डी जिला हजारीबाग है. जहां जहां मात्र 109 लोगों को मनरेगा में प्रति पंचायत रोजगार उपलब्ध हो रहा है.

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जबकि रामगढ़ जिला में 120 लोगों को रोजगार मिल पा रहा है 4358 पंचायतों में से मात्र 4167 पंचायत में मनरेगा वर्कर रजिस्टर्ड है. दूसरी ओर मनरेगा योजना को संचालित करने के लिए कई सृजित पद खाली हैं. जिससे योजना के सही संचालन और काम उपल्बध करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं सूबे के जिलों से मनरेगा योजना के कामों में जीसीबी का भी प्रयोग हो रहा है.

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गढ़वा जिला में मनरेगा कर्मी के खाली पड़े हैं 73 पद

गढ़वा जिला में मनरेगा कर्मी के कुल स्वीकृत पद 306 हैं. इसके मुकबले 133 कर्मी ही कार्यरत हैं. जिले में प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी के 13 पद रिक्त हैं. वहीं प्रवासी मजदूरों को रोजगार कार्ड बनाने के मामले में जिला 8 मई के आकड़े के अनुसार 9वें स्थान पर (राज्य में) है. जिले में मात्र 5183 नये जॉब कार्ड बनाये गये हैं. जबकि प्रवासी मजदूरों को गांव लौटने की संख्या कहीं ज्यादा है. जिले में प्रवासी मजदूर हजारों की संख्या में लौटे हैं. प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी के नहीं होने से योजनाओं की गुणवत्ता प्रभावित होना स्वाभाविक है.

पद स्वीकृत पद कार्यरत बल खाली पद
ग्राम रोजगार सेवक 189 160 29
कंप्यूटर सहायक 19 05 14
लेखा सहायक 19 14 01
कनीय अभियंता 38 28 10
सहायक अभियंता 19 13 06
प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी 22 09 13

रांची जिला में मनरेगा के 74 पद खाली हैं

रांची में 305 पंचायत और 18 प्रखंड हैं. जिले में मनरेगा कर्मी के कुल स्वीकृत पद 441 हैं. इसके मुकबले 367 कर्मी ही कार्यरत हैं. प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी के 02 पद रिक्त हैं. वहीं प्रवासी मजदूरों को रोजगार कार्ड बनाने के मामले में जिला 8 मई के आकड़े के अनुसार 14वें स्थान पर (राज्य में) है. जिले में मात्र 3360 नये जॉब कार्ड बनाये गये हैं. जबकि प्रवासी मजदूरों के गांव लौटने का संख्या कहीं ज्यादा है. रांची राजधानी क्षेत्र के अंचलों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर लौटे हैं. रांची के राजधानी क्षेत्र होने के बाद भी यहां 55 रोजगार सेवक के पद रिक्त हैं.

पद स्वीकृत पद कार्यरत बल खाली पद
ग्राम रोजगार सेवक 305 250 55
कंप्यूटर सहायक 18 12 06
लेखा सहायक 18 17 01
कनीय अभियंता 61 52 9
सहायक अभियंता 18 17 01
प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी 21 19 02

नया जॉब कार्ड बनाने में लोहदगा जिला सबसे फिसड्डी, मनरेगा कर्मी के 12 पद हैं रिक्त

लोहदगा में 66 पंचायत और 7 प्रखंड हैं. जिले में मनरेगा कर्मी के कुल स्वीकृत पद में से 12 ही रिक्त हैं. इसके बाद भी प्रवासी मजदूरों को रोजगार कार्ड बनाने के मामले में जिला 8 मई के आकड़े के अनुसार सबसे पीछे रहा. इस मामले में यह राज्य में 24वें स्थान पर है. जिले में मात्र 904 नये जॉब कार्ड बनाये गये हैं. जबकि प्रवासी मजदूरों के गांव लौटने का संख्या कहीं ज्यादा है.

पद स्वीकृत पद कार्यरत बल खाली पद
ग्राम रोजगार सेवक 66 60 06
कंप्यूटर सहायक 07 05 02
लेखा सहायक 07 05 02
कनीय अभियंता 13 13 00
सहायक अभियंता 07 07 00
प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी 07 05 02

गुमला जिला में 163 लोगों को प्रति पंचायत हो रहा रोजगार उपल्बध, खाली पड़े हैं 37 पद

रांची में 159 पंचायत और 12 प्रखंड हैं. जिले में मनरेगा कर्मी के कुल स्वीकृत पद 240 हैं. इसके मुकबले मात्र 37 कर्मी ही कम हैं. जिले में प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी का 01 पद रिक्त है. वहीं प्रवासी मजदूरों को रोजगार कार्ड बनाने के मामले में जिला 8 मई के आकड़े के अनुसार राज्य में 19वें स्थान पर है. जिले में मात्र 2718 नये जॉब कार्ड बनाये गये हैं. जबकि प्रवासी मजदूरों के गांव लौटने का संख्या कहीं ज्यादा है. गुमला जिले में प्रति पंचायत 163 मानव रोजगार दिवस उपलब्ध कराया जा रहा है.

पद स्वीकृत पद कार्यरत बल खाली पद
ग्राम रोजगार सेवक 159 132 27
कंप्यूटर सहायक 12 08 04
लेखा सहायक 12 09 03
कनीय अभियंता 32 28 04
सहायक अभियंता 12 12 01
प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी 13 12 01

देवघर जिला में कंनीय अभियता के 39 में से 25 पद हैं खाली

देवघर जिले में 194 पंचायत और 10 प्रखंड हैं. जिला में प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी के 10 पद, सहायक अभियंता के 7 और कनीय अभियंता के 25 पद रिक्त हैं. ऐसे में जिले में मनरेगा योजना में रोजगार मिलना असान नहीं. जो योजना चल रही है, उसकी गुणवत्ता भी प्रभावित होने की पूरी संभावना है. वहीं प्रवासी मजदूरों को रोजगार कार्ड बनाने के मामले में जिला 8 मई के आकड़े के अनुसार राज्य में 18वें स्थान पर है. जिले में मात्र 3340 नये जॉब कार्ड बनाये गये हैं. जबकि प्रवासी मजदूरों के गांव लौटने की संख्या कहीं ज्यादा है. दलित आदिवासी समूह के लोग जिले से पलायन कर रोजगार की तलाश में अक्सर दूसरे स्थान पर जाते हैं. इसके बाद भी मनरेगा योजना से जोड़ने की पहल सुस्त है.

 

पद स्वीकृत पद कार्यरत बल खाली पद
ग्राम रोजगार सेवक 194 186 08
कंप्यूटर सहायक 10 03 07
लेखा सहायक 10 07 03
कनीय अभियंता 39 14 25
सहायक अभियंता 10 03 07
प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी 15 05 10

जामतड़ा जिला में कनीय अभियंता के 24 में से 12 पद हैं रिक्त

जामताड़ा में 118 पंचायत और 6 प्रखंड हैं. जिले में कनीय अभियंता के 12 पद, लेखा सहायक के 6 में से 5 पद खाली हैं. खाली पड़े पदों के कारण योजना के कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं. वहीं प्रवासी मजदूरों को रोजगार कार्ड बनाने के मामले में जिला 8 मई के आकड़े के अनुसार राज्य में 10वें स्थान पर है. जिले में मात्र 5920 नये जॉब कार्ड बनाये गये हैं. जबकि प्रवासी मजदूरों के गांव लौटने की संख्या कहीं ज्यादा है.

 

पद स्वीकृत पद कार्यरत बल खाली पद
ग्राम रोजगार सेवक 118 93 25
कंप्यूटर सहायक 06 01 05
लेखा सहायक 06 02 04
कनीय अभियंता 24 12 12
सहायक अभियंता 06 02 04
प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी 06 04 02

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