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Postal Staff Strike: डाक कर्मचार‍ियों की देशव्‍यापी हड़ताल का व्‍यापक असर, कोल्‍हान के डाकघरों में भी लटके रहे ताले

Jamshedpur/Chaibasa: बैंक, रेल, बीएसएनएल, एअरपोर्ट के बाद अब केंद्र सरकार डाक विभाग के निजीकरण की तैयारी में है. इसको देखते हुए मंगलवार को देशभर में करीब पांच लाख पोस्टल कर्मी हड़ताल पर रहे. कोल्‍हान के डाकघरों में भी ताला लटका रहा. जमशेदपुर मुख्य डाकघर के कर्मी भी ऑल इंडिया पोस्टल इम्पलाइज इंडियन पोस्टमैन के बैनर तले हड़ताल पर रहे. यूनियन के प्रमंडलीय सचिव चंडीचरण साधु ने बताया कि इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक लिमिटेड के माध्यम से केंद्र सरकार भारतीय डाक को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है. इससे देशभर के साढे पांच लाख कर्मियों पर सीधा असर पड़ेगा. पोस्ट ऑफिस से लोगों का भरोसा उठ जाएगा. केंद्र सरकार इसे साजिश के तहत तबाह करना चाह रही है. यहां आज भी गरीब लोगों के पैसे सुरक्षित हैं. जैसे ही इसका निजीकरण होगा यहां के पैसों का बंदरबांट शुरू हो जाएगा. इसके अलावा केंद्र सरकार की अन्य नीतियों का भी हड़ताली कर्मियों ने विरोध किया. कर्मचारियों ने बताया कि यदि केंद्र सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है और अड़ियल रवैया बनाए रखती है तो आनेवाले दिनों में डाक सेवा पूरी तरह से ठप कर दी जाएगी.
पश्‍च‍िमी स‍िंहभूम के डाकघर भी रहे बंद


पश्चिम सिंहभूम के प्रधान डाकघर, सभी उप डाकघर तथा शाखा डाकघर बंद रहे. डाक कर्म‍ियों के हड़ताल में रहने से करोड़ों का व्यवसाय प्रभावित रहा एवं आम जनमानस को परेशानियों का सामना करना पड़ा. सभी प्रकार के विभागीय कार्य मसलन पैसों का लेनदेन, आधार संबंधित कार्य, पासपोर्ट सेवा एवं डाक वितरण का कार्य पूर्ण तरह ठप रहा. हड़ताल में मुख्यरूप से धनंजय नायक, इंद्रजीत सिंह बोदरा, फूलन सोरेन, सुखपान पाल, गोपाल माझी, प्रकाश महंती, किशोर कुमार, शंकर लकड़ा, कृष्णपूर्ति, पूर्णचंद्र तुबि‍द, अरुण बोईबाई, विवेक, राजेश टुडू , शंकर मंडी, नारायणी लागुरी, अभिकर्ता स्वपन राय, नवल किशोर डे एवं सुभाष दत्ता शामिल रहे.

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