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सदर अस्‍पताल पहुंचने के साढ़े सात घंटे के बाद हुआ दो शवों का पोस्‍टमार्टम

ड्यूटी रोस्‍टर के डॉक्‍टर बिना सूचना के मिले गायब

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Chatra: जिले के टंडवा प्रखंड में गुरुवार की शाम दो अलग-अलग दुर्घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई थी. टंडवा थाना क्षेत्र के बड़गांव निवासी 20 वर्षीय नवीन नायक और दूसरा बिहार के गोपालगंज जिला के  बासुदेव महतो की मौत के बाद टंडवा पुलिस पोस्‍टमार्टम के लिए शुक्रवार की सुबह 7 बजे सदर अस्‍पताल पहुंची. तब अस्पताल रोस्टर में शुक्रवार को डॉक्टर राजीव रंजन की ड्यूटी थी. लेकिन वह कार्यालय को सूचना दिये बिना हजारीबाग के लिए रवाना हो गये. ऐसे में मृतकों के परिजनों को करीब साढ़े सात घंटे की भाग दौड़ करना पड़ा और करीब ढाई बजे शवों का पोस्टमार्टम हुआ.

उपायुक्‍त को करना पड़ा फोन

मृतकों के परिजनों ने बताया कि पोस्टमार्टम करवाने के लिए कई बार उपाधीक्षक और सीएस कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ा. थक-हार कर परिजनों ने उपायुक्त जितेंद्र कुमार सिंह से फोन पर शिकायत की. उपायुक्त के आश्‍वासन के बाद परिजनो की उम्‍मीद बढ़ी. इसके बावजूद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई. सदर अस्‍पताल में मौजूद दूसरे डॉक्टर ने भी शवों का पोस्टमार्टम करने के लिए इनकार कर दिया. डॉक्टरों का कहना था कि जो डॉक्‍टर पोस्टमार्टम करते हैं, वही डॉक्टर पोस्टमार्टम करेंगे. इसलिए वह कुछ नहीं कर सकते हैं.

क्या कहते है सिविल सर्जन

सिविल सर्जन डॉ एसपी सिंह ने बताया कि ड्यूटी रोस्टर में डॉ. राजीव रंजन का था. उनकी तबियत खराब रहने के कारण पोस्टमार्टम में विलंब हुआ. उनके स्वास्थ्य में बदलाव होने पर उन्‍होंने तुरंत अस्पताल में आकर दोनों शव का पोस्टमार्टम किया.

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