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पोस्ट कोविड सिंड्रोम ने बढ़ाई चिंता, रिकवरी के महीनों बाद भी मरीजों में थकान, दर्द, सांस संबंधी समस्या

RANCHI: कोरोना ने पहले कहर मचाया. झारखंड में भी लाखों लोग इसकी चपेट में आए. कुछ कोरोना का कहर नहीं झेल पाए और अपनी जान गंवा दी. वहीं जो बच गए उनके लिए भी कोविड को हराने के बाद सबकुछ ठीक नहीं है. अब वे लोग पोस्ट कोविड इफेक्ट से जूझ रहे हैं. इतना ही नहीं पोस्ट कोविड लान्ग इफेक्ट ने उनकी सांसें अटका दी है. यही वजह है कि उन्हें हॉस्पिटल में आक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ रही है. जबकि कई लोग घर में आक्सीजन लेकर इमरजेंसी के लिए रखने लगे है ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल हॉस्पिटल की दौड़ न लगानी पड़े.

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थकान सामान्य लक्षण

बॉडी में वायरस के खत्म होने के बाद इसके लक्षण खत्म होने में समय लगता है. पोस्ट लान्ग कोविड इफेक्ट्स के कारण लक्षण लंबे समय तक मरीज में बने रहते हैं. थोड़े-थोड़े दिन में अलग-अलग लक्षण मरीज के शरीर में दिखाई देते रहते हैं. मरीज के रिकवर होने के बाद अधिक थकान महसूस होना इसके सबसे सामान्य लक्षण हैं . इसके अलावा पेट दर्द, सांस लेने में परेशानी, बोलते हुए सांस फूलना, धड़कन तेज होना, सिर दर्द, पैर दर्द जैसे लक्षण से भी लंबे समय तक मरीज परेशान है.

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मरीजों को पोस्ट कोविड केयर की है जरूरत

 

कोविड टास्क फोर्स के डॉ प्रभात कुमार बताते हैं कि मरीजों में लांग टर्म तक सिम्टम्स आ रहे हैं. ऐसे में सबसे ज्यादा जरूरी है कि रिकवर होने के बाद भी मरीज की निगरानी रखी जाए. वह बताते हैं कि रिकवर होने का मतलब है कि मरीज के शरीर से वायरस का निकल जाना. मगर वायरस की वजह से बॉडी पर जो असर हुआ है, उसे सामान्य होने में समय लगता है. मरीजों में एक या दो लक्षण बाद में सामने आ रहे है. जिसमें लूज मोशन भी एक है.

 

क्लॉटिंग के कारण हार्ट अटैक का खतरा

 

ऐसे पोस्ट कोविड मरीज जिन्हें डायबिटीज हैं, उन्हें अपने ओरल हाईजीन का विशेष ध्यान रखना चाहिए. सदर हॉस्पिटल पोस्ट कोविड ओपीडी के इचार्ज डॉ अजीत ने बताया कि खांसी, नींद न आना. डिप्रेशन, ऑक्सीजन लेवल कम होना जैसी समस्याएं ज्यादा हो रही है. कुछ लोग तो ऑक्सीजन पर डिपेंडेंट हो गए है. जिन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखना पड़ रहा है.

ऐसे मरीजों को ही हॉस्पिटल के पोस्ट कोविड वार्ड में रखकर इलाज किया जा रहा है. वहीं क्लॉटिंग के कारण हार्ट अटैक होने का भी खतरा अधिक है.

 

रिम्स में पोस्ट कोविड के 28 मरीज

पोस्ट कोविड इफेक्ट से लोग परेशान हैं. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य के सबसे बड़े हॉस्पिटल रिम्स में पोस्ट कोविड के 28 मरीज इलाजरत हैं. जबकि कोविड के मात्र 2 मरीजों का इलाज चल रहा है. वहीं सदर की बात करें तो वहां कोरोना पॉजिटिव कोई मरीज नहीं है. लेकिन पोस्ट कोविड के कुछ मरीज एडमिट है.

 

इन बातों का रखें ध्यान

  • मास्क को डिसइंफेक्ट जरूर करें
  • मरीज ब्रश को भी करें साफ
  • मुंह को समय-समय पर देखते रहें
  • बिना दर्द वाला छाला होने पर भी तुरंत दिखाएं
  • टूथ ब्रश को हर महीने बदलें
  • फैमिली के अन्य सदस्यों से अपनी टूथब्रश अलग रखें
  • लूज मोशन ज्यादा होने पर डॉक्टर से कंसल्ट करे
  • बॉडी में ज्यादा थकान
  • सिर में रेगुलर दर्द
  • भूख नहीं लगना
  • ब्लड शुगर मॉनिटर

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