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दमा जैसी बीमारी का इलाज संभव, तीन साल शोध के बाद राजेश ने बनाई दवा

कई तरह की बीमारियों से संबधित औषधियां भी उपलब्ध है.

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Ranchi : रांची से 43 किमी दूर चान्हो निवासी राजेश कुमार मिश्रा का पारिवारिक पेशा ही वैद्यगिरी था. बचपन से ही इन्हे अपने पिता से औषधि विज्ञान की जानकारी मिलती रहती थी. पिता के ज्ञान और अपनी जिज्ञासा से इन्होंने कुछ ऐसा कर दिया, जो शायद किसी जादू से कम नहीं. दमा को एक से डेढ़ माह में जड़ से खत्म करने का नुस्खा बना डाला. रांची डाल्टेनगंज मार्ग स्थित चान्हो में इनका एक ढाबा भी है, जो पंजाबी ढाबा के नाम से जाना जाता है. इनके इस ढाबे में भोजन के साथ लोगों को औषधियां भी मिलती है. इनके पास कई तरह की बीमारियों से संबधित औषधियां भी उपलब्ध है.

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बिरहोर महिला ने औषधि की दी जानकारी

राजेश ने बताया कि बूढ़ी बिरहोर महिला ने दमा की औषधि के बारे में बताया. महिला अपनी बेटी के इलाज के लिये राजेश के पास आयी थी, लेकिन दवाई के लिये पैसे कम होने के कारण उसने राजेश को जड़ी बूटी से दमा की औषधि बनाने की जानकारी दी.

राजेश ने बताया कि बिरहोर महिला ने औषधि की जानकारी तो दे दी लेकिन इसमें कई खामियां थी. जैसे किसी को दस्त, तो किसी को खुजली आदि की समस्या होती थी. ऐसे में इन्होंने उन्हीं जड़ी बूटियों में तीन साल तक शोध किया. जिसमें कुछ बायोकेमिकल आदि भी मिलाया, फिर से इन्होंने लगभग 60 लोगों पर प्रयोग किया. जिसके बाद इन्होंने दमा निवारण के लिये लोगों को औषधि देनी शुरू की.

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डेढ़ माह में दमा खत्म

इन्होंने बताया कि दुनिया भर में दमा को जड़ से खत्म करने की कोई सटीक दवाई नहीं है, लेकिन इनकी बनाई औषधि से दमा को एक से डेढ़ माह में खत्म हो जाती है. इसके लिये मरीजों को कुछ परहेज भी करना होता है. इन्होंने बताया कि एलोपैथी से दमा तो दूर होता नहीं, लेकिन इंसान की उम्र जरूर कम हो जाती है, लेकिन इनकी बनाई औषधि से इंसान को किसी तरह की परेशानी नहीं होती. इन्होंने लगभग 300 लोगों को दमा मुक्त किया है.

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मंत्रियों को लिख चुके है पत्र

राजेश ने बताया कि दमा पीड़ित कितना भी एलोपैथी दवाई खा ले लेकिन कोई भी दवाई दमा को जड़ से खत्म नहीं कर सकता. न ही मरीज को राहत दे सकता है. ऐसे में इनकी बनाई औषधि दमा को खत्म करने में कारगर है. अपने औषधि को देश विदेश में पहचान दिलाने के लिये प्रधानमंत्री मोदी से लेकर राज्य और केंद्र स्तर के कई मंत्रियों को पत्र लिख चुके है. लेकिन किसी भी पत्र का इनके पास जवाब नहीं आया. ये चाहते है ऐसी दवाई को देश के साथ विदेशों में भी लोग जाने, जिससे दमा जड़ से खत्म हो जायें.

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दमा के साथ साथ लिकोरिया, शराब छुड़ाने की दवाई, लकवा, नसों के दर्द, साईटिका, पेट संबधी अनके रोग समेत अन्य बीमारियों के इलाज इनके पास है.

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